पेयजल की समस्या बनी विकराल

सासाराम ऑफिस : नगर पर्षद के वार्ड नंबर 14 की स्थिति दयनीय है. क्षेत्र में पेयजल की समस्या विकराल है. पेयजल के लिए लोगों को दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है. इस समस्या को दूर करने के लिए तीन लाख 49 हजार रुपये का टेंडर भी हो चुका है. फिर भी जीटी रोड से पंजाबी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
सासाराम ऑफिस : नगर पर्षद के वार्ड नंबर 14 की स्थिति दयनीय है. क्षेत्र में पेयजल की समस्या विकराल है. पेयजल के लिए लोगों को दूर-दूर तक जाना पड़ रहा है. इस समस्या को दूर करने के लिए तीन लाख 49 हजार रुपये का टेंडर भी हो चुका है. फिर भी जीटी रोड से पंजाबी मुहल्ला हरिजन क्षेत्र आदि जगहों में पाइप लाइन बिछावाने व पेयजल की व्यवस्था वार्ड पार्षद द्वारा नहीं हो पायी है. इससे क्षेत्र में स्थिति बदतर हो गयी है. गरमी में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है.
ऐसा नहीं है कि पेयजल इस वार्ड में एक मात्र बड़ी समस्या है. बल्कि, जलनिकासी भी बड़ी समस्या है. विगत बरसात में पंजाबी मुहल्ला, मदरसा रोड, फुल मंडी, हरिजन मुहल्ला व अन्य कई क्षेत्रों में दो से तीन फुट तक जलजमाव हो गया था. जिसे वार्डवासियो को पूरे बरसात झेलना पड़ा था. जलजमाव का मुख्य कारण दो वार्ड 14 व 15 के पानी को एक साथ आना बताया जा रहा है.
लेकिन, सोचने की बात है अगर वार्ड पार्षद द्वारा जल निकासी के लिए कोई व्यवस्था की जाती, तो इस प्रकार की समस्या का सामना लोगों को नहीं करना पड़ता. वार्ड पार्षद की मानें, तो निकासी के लिए चार चेंबर बना निकासी करने का लक्ष्य है. जो दूर की कौड़ी नजर आती है. ये तो रही पेयजल व जलनिकासी की बात.अब बात करते हैं साफ-सफाई की जो इस क्षेत्र में कोसों दूर नजर नहीं आता है. मदरसा रोड फल मंडी हरिजन इलाका व अन्य कई क्षेत्र में कूड़े कचरा का अंबार लगा है.
जहां से हो कर गुजरना काफी मुश्किल हो जाता है. लोगों को अपने नाक पर रूमाल रख पार करना पड़ता है. कई नालियों पर बने स्लैब भी टूट चुके है.कई स्लैब सिरे से गायब हे.जहां कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है. चार साल में मात्र 20 लाख का कार्य पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है जो अपने आप में सवालिया निशान है. इस क्षेत्र का समुचित विकास ही नहीं हो पाया है. अभी इस वार्ड में गलियों व नालियों का निर्माण होना बाकी है.इसके कुछ खास एरिया को छोड़ दिया जाये, तो लोग बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं.
वार्ड में विकास तो हुआ ही नहीं है. इस वार्ड में शिक्षण संस्थान में तीन सरकारी व तीन आंगनबाड़ी केंद्र है. वार्ड को रोशन करने के लिए 40 सोलर लाइट लगायी गयी है. राशन-केराेसिन के मामले में भी यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है. यहां एपीएल व बीपीएल के 745 परिवारों के पास मात्र 745 राशन कार्ड ही बने है. वार्ड पार्षद अपने कार्यकाल में मात्र चार से पांच शौचालय ही बना सके. सात से आठ शौचालयों का आवेदन स्वीकृत के कगार पर है.
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