बह गयी चानन की मुख्य सड़क, सड़क बह जाने से आवाजाही में परेशानी

सलखुआ : प्रखंड के उटेशरा, साम्हरखुर्द, अलानी, चानन सिसवा चारों ओर बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है. नदी के तेज बहाव में चानन की मुख्य सड़क बह गयी. इस वजह से छह वार्डों के लोगों को आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी. उटेशरा पंचायत के पूर्वी कोसी तटबंध के बहुअरवा चौक से पंचविरा ताजपुर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

सलखुआ : प्रखंड के उटेशरा, साम्हरखुर्द, अलानी, चानन सिसवा चारों ओर बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है. नदी के तेज बहाव में चानन की मुख्य सड़क बह गयी. इस वजह से छह वार्डों के लोगों को आवागमन की समस्या उत्पन्न हो गयी. उटेशरा पंचायत के पूर्वी कोसी तटबंध के बहुअरवा चौक से पंचविरा ताजपुर जाने वाली सड़क पर आयी बाढ़ के कारण पंचखुटिया मुख्य सड़क पर छह फीट पानी बह रहा है. टोला के लोगों को आने जाने के लिए नाव का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है.

वही सितुआहा पंचायत के डीह टोला सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण लोग बड़ी मुश्किल से सड़क पार कर अंचल और बाजार के लिए आते हैं. बीडीओ व सीओ ने चानन सिसवा के वार्ड 12, 13, 14, 15 व 16 में घर-घर पानी घुसने की स्थिति को देखकर धैर्य रखने व ऊंचे स्थान पर जाने को कहा था. हालांकि तटबंध के अंदर बसे पांच पंचायत में से कहीं भी लोग बाहर नहीं निकले. लोग गांव में ही ऊंचे स्थान पर रह रहे हैं.
सीओ ने बाढ़ प्रभावित घोघसम पंचायत का लिया जायजा, लोगों ने की फसल मुआवजा व राहत देने की मांग
सिमरी बख्तियारपुर : एसडीओ वीरेंद्र कुमार के निर्देश पर सीओ धर्मदेव चौधरी ने बाढ़ प्रभावित घोघसम पंचायत का दौरा किया. सीओ ने घोघसम घाट से निकल कर सुखासनी घोघसम के वार्ड नंबर एक से तीन महादलित टोला सहित अन्य स्थान पहुंच कर लोगों से जानकारी ली. जहां लोगों ने बताया कि हमलोगों का घर बाढ़ के आ जाने से कट गया है.
वहीं खेत मे लगे धान भी खत्म हो गये. हमलोगो को तत्काल राहत साम्रग्री उपलब्ध कराया जाए. अंचलाअधिकारी ने बताया कि पानी घट रहा है. तत्काल लोगों को पॉलीथिन उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं राहत सामग्री व राहत शिविर चलाने को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि अभी बाढ़ नियंत्रण में है. चिंता की कोई बात नहीं है.
मुखिया राजकुमारी देवी ने मांग की कि पंचायत के सात वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं किसानों के हजारों हेक्टेयर में लगे धान की फसल भी बर्बाद हो गयी है. सरकार तत्काल पंचायत में राहत राहत शिविर चालू करे. उन्होंने फसल के मुआवजे राशि की भी मांग की. क्षेत्र भ्रमण में सीआई अखिलेश, मुखिया प्रतिनिधि दिनेश यादव, अशोक कुमार यादव, शंभु यादव, पंचायत सेवक नेपाली दास, नवीन कुमार सहित अन्य थे.
15 साल बाद 11 जुलाई को हुआ था रिकॉर्डतोड़ डिस्चार्ज: सिमरी बख्तियारपुर. कोसी बराज से छोड़े गये पानी व लगातार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गयी है. सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के घोघसम, कठूमर बेलवाड़ा, धनुपरा में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. मानसून बरसा नहीं कि कोशी नदी के अंदर बनी सड़कें भी नदी बन गयी हैं. तेज बहाव ने रास्तों को बंद कर दिया है.
कोसी बराज के कंट्रोल रूम से बताया गया कि 15 साल के बाद कोसी के जलस्राव में इस तरह रिकार्ड तोड़ वृद्धि हुई है. उनके अनुसार इससे पूर्व 11 जुलाई 2004 को कोसी का डिस्चार्ज तीन लाख 98 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था. तब से लेकर अब तक कभी इतनी वृद्धि नहीं हुई. अनुमंडल पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने कहा है कि आपदा विभाग अलर्ट है.
संवेदनशील स्थलों पर नजर रखी जा रही है और अधिकारियों की तैनाती की गयी है. किसी भी परिस्थिति में लोगों को जल्द से जल्द राहत उपलब्ध कराया जायेगा. कोसी नदी के बाढ़ के पानी से गांव-घर के चारों ओर पानी ही पानी है. लोग पानी में दिन-रात गुजारने को विवश हैं. घर-आंगन में बाढ़ का पानी, बाढ़ के पानी में घर के चूल्हे-बर्तन और चापाकल डूबे पड़े है कि लोग खुद के घर में भोजन तक नहीं बना पा रहे हैं. कोसी इलाके के हजारो एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब कर बर्बाद हो गयी है.
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