राजनीति छोड़िये अब सफाई कीजिए

जागो नप सरकार. कब तक सहेंगे दुर्गंध बेशुमार सहरसा मुख्यालय : नगर परिषद की कुव्यवस्था ने संपूर्ण शहर को नाले में तब्दील कर दिया है. लाखों-करोड़ों की कर वसूली होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर साफ-सफाई की ओर कोई ध्यान तो नहीं ही दिया जाता है. इधर मुहल्ले को सुव्यवस्था देने का वादा कर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 26, 2015 2:31 AM
जागो नप सरकार. कब तक सहेंगे दुर्गंध बेशुमार
सहरसा मुख्यालय : नगर परिषद की कुव्यवस्था ने संपूर्ण शहर को नाले में तब्दील कर दिया है. लाखों-करोड़ों की कर वसूली होने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर साफ-सफाई की ओर कोई ध्यान तो नहीं ही दिया जाता है.
इधर मुहल्ले को सुव्यवस्था देने का वादा कर हाथ जोड़ चुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधि को भी लोगों की सुविधा से कोई मतलब नहीं रह जाता है. लिहाजा लोगों की जिंदगी बेहतर व सुविधा संपन्न होने की बजाय कचरामय ही होता जा रहा है.
मतदाता तो और कुछ कर नहीं सकते. सिर्फ अगले चुनाव आने और जीत कर गए लोगों को सबक सिखाने की बात कह कर खुद को सांत्वना देते हैं. लेकिन प्रशासन, प्रतिनिधि व मुहल्ले के लोगों को इस विषय पर गंभीर होना होगा कि ऐसे में उनके जीवन का महत्वपूर्ण पांच साल कुव्यवस्थाओं में ही बीत चुका होता है.
ध्वस्त हैं ताड़ी स्ट्रीट की नालियां
गांधी पथ स्थित बंद अशोक सिनेमा के बगल से गई ताड़ी स्ट्रीट आगे महावीर चौक के पास बनगांव रोड में निकलती है. सड़क के बीचोंबीच नाले बने हैं व कहीं-कहीं ढक्कन भी लगे हैं.
सड़क पूरी तरह वार्ड नंबर सात में है. जबकि इसका पूर्वी सिरा वार्ड नंबर 21 को छूता है. वार्ड नंबर 21 के भी मुहल्लों का गंदा पानी भी इसी नाले में आकर गिरता है. दोनों ओर लोगों के घर भरे हुए हैं. लेकिन शुरू से अंत तक नाले की दशा कहीं भी ठीक नहीं है. बाजार के जाम से बचने के लिए इस गली का उपयोग करने वालों को संभल कर चलना होता है.
ढक्कन टूटे-फूटे हैं. जो अक्सर दुर्घटनाओं को न्योता देते रहते हैं. ये नाले कभी साफ नहीं किए जाते. लिहाजा पूरा कचरों से भरा-पड़ा है. ओवरफ्लो होकर गंदे पानी का लोगों में घरों में लगना लगा रहता है. इस वार्ड में स्थित बनगांव रोड में भी नाले की स्थिति कहीं अच्छी नहीं है. कहीं लंबी दूरी तक नाला कूड़े-कचरों से भरा पड़ा है, तो कहीं लंबी दूरी तक नाला बिना ढके पड़ा है.