दीवार के भरोसे खड़ा है बिजली पोल, विभाग लापरवाह
आज भी शहर के कई बिजली पोल व तार जर्जर हैं जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तो अब भी अधिकांश बिजली के पोल व तार जर्जर हैं.प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग […]
आज भी शहर के कई बिजली पोल व तार जर्जर हैं जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तो अब भी अधिकांश बिजली के पोल व तार जर्जर हैं.
सहरसा : दलते परिवेश व आधुनिकीकरण के इस दौर में बिजली व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने व इसे सुरक्षित बनाने की आवश्यकता जतायी जा रही है. ताकि बिजली की वजह से आये दिन होने वाली दुर्घटनाओं मं कमी लाई जा सके. विभाग द्वारा इस दिशा में कवायद भी प्रारंभ की गयी. खासकर शहरी क्षेत्र में कई नये पोल व केबुलयुक्त बिजली के नये तार भी लगाये गये है. लेकिन आज भी शहर के कई बिजली पोल व तार जर्जर हैं. जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तो अब भी अधिकांश बिजली के पोल व तार जर्जर हैं. विद्युत प्रवाहित जर्जर तार के गिरने से कई बार आदमी के साथ ही दर्जनों पशुओं की जान बिजली की चपेट में आने से जा चुकी है।
आप भी बतायें
यदि आप भी विभाग के रवैये से परेशान है और पोल व तार जर्जर है. पोल व तार को बांस या कोई पेड़ पौधा से घिरा है एवं पोल झुका है तो आप तसवीर के साथ समस्या और अपना नाम, मुहल्ला का नाम, संबंधित ट्रांसफार्मर का नाम लिख मोबाइल नंबर 9470292717 पर व्हाट्सएप्प कर सकते हैं
कई वर्षों से जर्जर है पोल
शहर के त्रिशुल चौक पर बिजली का पोल कई वर्षों से जर्जर है. कमजोर हो चुकी यह पोल नीचे की ओर झुक चुकी है, जो कभी भी धराशायी हो सकता है. बावजूद इस पोल पर बिजली की तार दौड़ रही है. जो खतरे को आमंत्रित करता प्रतीत होता है। स्थानीय लोगों ने बताया की समस्या के बाबत विभाग से कई बार उक्त पोल को बदलने का अनुरोध किया गया है. बावजूद विभाग इस दिशा में उदासीन है. पोल अपनी वजूद को छोड़ बगल के दीवार के भरोसे खड़ी है. कब यह गिर जायेगा कहना मुश्किल है.