मरीजों को नहीं होने दी जायेगी परेशानी

डॉक्टरों की हड़ताल. आज से इमरजेंसी सेवा भी बंद, सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन डॉक्टरों की हड़ताल से जिले के मरीजों को खासी परेशानी हो रही है. सदर अस्पताल का अोपीडी बंद है. आज से डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा भी ठप करने का निर्णय लिया है. इससे परेशानी अौर बढ़ेगी. हालांगी सीएस ने मरीजों की […]

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डॉक्टरों की हड़ताल. आज से इमरजेंसी सेवा भी बंद, सिविल सर्जन ने दिया आश्वासन

डॉक्टरों की हड़ताल से जिले के मरीजों को खासी परेशानी हो रही है. सदर अस्पताल का अोपीडी बंद है. आज से डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा भी ठप करने का निर्णय लिया है. इससे परेशानी अौर बढ़ेगी. हालांगी सीएस ने मरीजों की सेवा का आश्वासन दिया है.
सहरसा : सदर अस्पताल की ओपीडी सेवा व सभी निजी नर्सिंग होम में तीसरे दिन भी ताला लटके रहे. चिकित्सक के हड़ताल पर चले जाने के कारण सरकारी व निजी स्वास्थ्य कर्मी भी इधर उधर टहल समय बिताते रहे. वहीं जानकारी के अभाव में ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज डॉक्टर से दिखाने के लिए आ गये. लेकिन उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा. ओपीडी व निजी क्लीनिक बंद होने की जानकारी मिलते ही मरीजों का झुंड सदर अस्पताल के इमरजेंसी की ओर चल पड़ा.
जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक सभी मरीजों का बारी-बारी से इलाज व सलाह देते रहे. मरीजों की भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा अन्य कई कर्मियों की तैनाती की गयी थी. सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह खुद हरेक बिंदुओं पर नजर रख रहे है. उन्होंने कहा कि मरीजों को कोई परेशानी नही होने दी जाएगी.
पूर्व विधायक ने जताया आक्रोश :डॉक्टरों के तीसरे दिन जारी हड़ताल में धरना स्थल पर पहुंच कर पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि इस सरकार में अपराधी पर कार्रवाई करने से पहले पूछना पड़ता है.
सात माह में एक अपराधी को पुलिस पकड़ नही सका. डॉक्टर के साथ आमलोग व मरीज भी प्रभावित है लेकिन प्रशासन असंवेदनशील बना हुआ है. डॉक्टर अकेला नही है. उनके साथ सभी दल व आम लोग है. डॉक्टर का काम धरना देना नही है. उन्होंने प्रशासन से डॉक्टरों को सुरक्षा देने व अपराधी पर कार्रवाई करने की मांग की है.
धरना में आइएमए के जिलाध्यक्ष डॉ एसपी सिंह, सचिव डॉ राकेश कुमार, ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक डॉ एके चौधरी, डॉ भुवन कुमार सिंह, डॉ गोपाल शरण सिंह, डॉ एसपी झा, डॉ विमल कुमार, सह संयोजक कैलाश पचेरिया, डॉ ए कलाम, डॉ एके इशर, डॉ एसएन चौधरी, डॉ पीके सिंह, डॉ मोती वर्मा, डॉ सुशील कुमार, डॉ डीपी गुप्ता, डॉ जितेंद्र सिंह, डॉ सीएम चौधरी, डॉ पीके मल्लिक, डॉ ललन कुमार, डॉ शिलेंद्र कुमार, डॉ रंजेश कुमार सिंह, डॉ आइडी सिंह, डॉ अनुज कुमार, डॉ एसके अनुज, डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ राजीव कुमार, टीपू झा, शंभु उपाध्याय, राघव सिंह, कुणाल सहित अन्य शामिल थे.
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