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दो मार्च को संसद पर कर्मचारी करेंगे प्रदर्शन

सहरसा : प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन करते महासंघ के महासचिव एभी कुमार ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भाजपा, कांग्रेस व अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के आर्थिक नीतियों के बारे में बताते कहा कि इनकी नीतियां पूंजीपति भूस्वामी वर्ग के हित में है और जनता के कंधों पर भारी बोझ डालने वाला है. उन्होंने कहा कि […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 31, 2017 4:34 AM

सहरसा : प्रतिनिधि सत्र का उद्घाटन करते महासंघ के महासचिव एभी कुमार ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और भाजपा, कांग्रेस व अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के आर्थिक नीतियों के बारे में बताते कहा कि इनकी नीतियां पूंजीपति भूस्वामी वर्ग के हित में है और जनता के कंधों पर भारी बोझ डालने वाला है. उन्होंने कहा कि त्रिपुरा एवं केरल के वामपंथी सरकार में जनवादी ताकते मजबूत है. इन राज्यों में नियमित कर्मचारियों की नियुक्ति के लिये लगातार कमिटी काम कर रही है और ठेका पर काम नही लिया जाता है. कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम लागू है. शशिकांत राय व गणपति झा की अध्यक्षता मंडल के नेतृत्व में आयोजित सम्मेलन के प्रथम दिन 28 जनवरी को झंडोतोलन के बाद शहर में शोभायात्रा निकाल कर की गयी थी

पुरानी पेंशन नीति लागू हो. महासचिव महासचिव एवी कुमार ने दो मार्च को ठेकाकरण पर रोक व पुरानी पेंशन नीति लागू करने के लिये दो मार्च को संसद पर प्रदर्शन किया जायेगा. उन्होंने कर्मचारियों को प्रदर्शन में भाग लेने का आहवान करते कहा कि प्रदर्शन में बिहार से दो हजार से अधिक कर्मचारी भाग लेंगे. इससे पूर्व खुले सत्र का उद्घाटन सहायक महासचिव मंजूल दास ने किया. सत्र को सचिव रामाधार शर्मा, उपाध्यक्ष गणेश मानव, मजदूर नेता शंकर साह ने संबोधित किया. वही महासचिव राजकिशोर राय ने सत्र का प्रतिवेदन व वीरेंद्र विद्यार्थी ने कोष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. अपराहण सत्र में महिला उप समिति की बैठक आयोजित की गयी. बिंदू कुमारी ने अपना प्रतिवेदन रखा. समापन समारोह में महासंघ के संविधान संशोधन के लिये कमिटी का गठन किया गया. सातवें वेतन को लागू कराने के लिये 16 फरवरी को विशाल प्रदर्शन करने, ठेका अनुबंध कर्मचारियों के लिये दो मार्च को दिल्ली चलने का निर्णय लिया गया.

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