मौसम में बदलाव का दिखने लगा असर

दिन की धूप में गरमी का अहसास... बढ़ा तापमान, निकले गरमी के कपड़े सहरसा : फागुन मास की शुरुआत होते ही पछुआ हवा की सनसनी से दिन के मौसम में अब बदलाव का अहसास होना शुरू हो गया है. फरवरी महीने के अंत व ठंड की विदाई अब मानो हो ही गयी है. तापमान में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 23, 2017 2:46 AM

दिन की धूप में गरमी का अहसास

बढ़ा तापमान, निकले गरमी के कपड़े
सहरसा : फागुन मास की शुरुआत होते ही पछुआ हवा की सनसनी से दिन के मौसम में अब बदलाव का अहसास होना शुरू हो गया है. फरवरी महीने के अंत व ठंड की विदाई अब मानो हो ही गयी है. तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है. मंगलवार का न्यूनताम तापमान 16 व अधिकतम 31 डिग्री रिकार्ड किया गया. इन दिनों सुबह की हल्की ठंड के बाद जैसे जैसे आसमान में धूप की किरण खिलने लगती है. वैसे वैसे मौसम में बदलाव का संकेत भी लोगों को होने लगता है.
आसमान में खिली धूप की मौजूदगी से गर्मी का एहसास लोगों के चेहरे पर दिखाई देने लगा है. दिन में लोगों के शरीर पर अब गरम कपड़ा नजर नहीं आता है. मौसम के बदलाव के कारण ठंडा कपड़ा लोगों के शरीर से अब दूर होने लगा है. फागुन मास की बयार में पछुआ हवा के झोंके से भी लोगों को मौसम के मिजाज का बदलाव का संकेत मिलने लगा है. पछुआ हवा के कारण हल्की धूप में भी लोगों के चेहरों पर गर्मी के मौसम का एहसास देखा जा सकता है. चेहरे पर पसीना आने लगता है.
पतझड़ के बाद अब हरियाली का है इंतजार
फागुन मास की शुरूआत होते ही पेड़ पौधों की हरियाली भी कुछ दिनों के लिए खत्म हो जाती है. कहते हैं कि मौसम की परिवर्तन का असर मानव से लेकर जीव जंतुओं तक के जीवन पर पड़ता है. पेड़ पौधे में पतझड़ के बाद नये पत्ते आने के बाद पेड़ पौधे की खूबसुरती नजर आने लगती है. इसलिए भी फागुन मास को सबसे सुहावना मौसमों में गिना जाता है.
कोयल की आवाज सुबह को और भी मनभावन करने लगी है. वैसे ठंड की अंतिम विदाई के साथ गर्मी के मौसम का मिजाज लोगों को समझ में आने लगा है. बुधवार को आसमान में खिली धूप व पछुआ हवा बहने से मौसम में बदलाव की आहट महसूस होना शुरू हो गया है.