मौसम में बदलाव के साथ अस्पताल में बढ़ी रोगियों की संख्या
समस्तीपुर : मौसम के बदले मिजाज के साथ ही जिले में कई बिमारियां एक साथ दस्तक दी हैं. वायरल फीवर के मरीजों से अस्पताल पटा पड़ा है, तो दूसरी ओर कोल्ड डायरिया बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. सदर अस्पताल के फिजिसियन डॉ उमाशंकर सिंह ने बताया कि मौसम के बदलने […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
समस्तीपुर : मौसम के बदले मिजाज के साथ ही जिले में कई बिमारियां एक साथ दस्तक दी हैं. वायरल फीवर के मरीजों से अस्पताल पटा पड़ा है, तो दूसरी ओर कोल्ड डायरिया बच्चों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. सदर अस्पताल के फिजिसियन डॉ उमाशंकर सिंह ने बताया कि मौसम के बदलने के कारण वायरल फीवर होता है.
जब भी मौसम बदलता है तो तापमान के उतार-चढ़ाव के कारण शरीर का
इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है. वैसे तो यह सामान्य फीवर की तरह ही होता है लेकिन, इसे नजरअंदाज
करने से शरीर में वायरस पनपने लगते हैं. डॉ उमाशंकर ने बताया कि लोग अपने मन से एंटीबायोटिक व पेनकिलर दवाएं ले लेते हैं. लेकिन, बिना डॉक्टर के परामर्श के दवा लेने से परहेज करना चाहिए. उन्होंने कहा कि वायरल फीवर के शुरुआती लक्षणों में थकान, गले में दर्द, खांसी , जलन व फीवर होता है. शुरू में लोग इसे नजरअंदाज कर
देते हैं. जैसे ही ये लक्षण दिखे तो पीड़ित को तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए.
स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. इस बीमारी से निबटने के लिये अस्पताल प्रशासन को तैयारी करने का निर्देश दिया गया है. डॉ उमाशंकर ने बताया कि यह एक वायरल डिजीज है. यह बीमारी दूसरे प्रदेशों से आनेवाले लोगों के सहारे अपने इलाकों में प्रवेश करता है. उन्होंने बताया कि यह बीमारी सांस के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. उन्होंने बताया कि इसके शुरुआत में सुस्ती, बुखार, खांसी, सांस लेने में परेशानी होती है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए.
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