मानव शृंखला के लिए बने 20 रूट

समस्तीपुर : दहेज एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसान से आप सभी परिचित हैं. कानून तो पहले से ही बना हुआ है. जब तक लोगों में इसके प्रति जागृति नहीं आयेगी लोग सजग नहीं होंगे, तब तक यह दहेज प्रथा और बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप बना रहेगा, जिसे हर हाल में खत्म […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 3, 2018 1:55 AM

समस्तीपुर : दहेज एवं बाल विवाह से होने वाले नुकसान से आप सभी परिचित हैं. कानून तो पहले से ही बना हुआ है. जब तक लोगों में इसके प्रति जागृति नहीं आयेगी लोग सजग नहीं होंगे, तब तक यह दहेज प्रथा और बाल विवाह समाज के लिए अभिशाप बना रहेगा, जिसे हर हाल में खत्म करना होगा. ये बातें मंगलवार को डीएम प्रणव कुमार ने मानव शृंखला की सफलता को लेकर आयोजित बैठक में कहीं. डीएम ने कहा कि ने कहा कि दहेज एवं बाल विवाह एक बडी सामाजिक कुरीति है, जिसे जड़ से मिटाना जरुरी है. अगर, भारत सरकार के आंकडे पर गौर किया जाये, तो महिला अपराध में बिहार का 26वां स्थान है.

दहेज संबंधी अपराध में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है. दहेज प्रथा व बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर काबू पा लिया जाये, तो महिलाओं के खिलाफ अपराध और होने वाली घटनाओं में कितना बड़ा परिवर्तन आयेगा. उन्होंने कहा कि 21 जनवरी 2018 को 12:00 बजे से लेकर 12:30 बजे अपराह्न तक दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के विरोध में एक राज्यव्यापी मानव शृंखला बनायी जायेगी. इसमें समस्तीपुर जिला के 610 किमी क्षेत्र में मानव शृंखला बनायी जायेगी. इसके कुल 20 रूट का निर्धारित किया गया.
इस क्रम में सभी पदाधिकारियों को रूट का भौतिक सत्यापन करने को कहा गया. प्रत्येक रूट में 200-200 मीटर की दूरी पर सब-सेक्टर, 1-1 किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर व 5-5 किलोमीटर पर जोन का निर्माण किया जायेगा ताकि किसी भी तरह की परेशानी मानव शृंखला में भाग लेने वालों को न हो सके.
ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व थाना प्रभारी को विशेष दिशा निर्देश दिया गया. बैठक के बाद समाहरणालय परिसर में एक मानव शृंखला भी बनायी गयी. बैठक में अपर समाहर्त्ता संजय कुमार उपाध्याय, डीडीसी वरुण कुमार मिश्रा, निदेशक डीआरडीए अरविंद कुमार,डीपीओ साक्षरता संजय कुमार चौधरी,डीपीआरओ बाल मुकुंद प्रसाद सहित अन्य विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे.