28 जनवरी के बाद हल्की वर्षा की बन रही संभावना

समस्तीपुर : मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. इसके संकेत डाॅ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित मौसम विभाग ने दिये हैं. आगामी 29 जनवरी तक के लिए जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि उत्तर बिहार के जिलों में अगले 3-4 दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना है.... 28 जनवरी के बाद […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 25, 2020 12:17 AM

समस्तीपुर : मौसम का मिजाज फिर बदलेगा. इसके संकेत डाॅ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा स्थित मौसम विभाग ने दिये हैं. आगामी 29 जनवरी तक के लिए जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि उत्तर बिहार के जिलों में अगले 3-4 दिनों तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना है.

28 जनवरी के बाद आसमान में गरज वाले बादल बन सकते हैं. जिसके प्रभाव से उत्तर बिहार के जिलों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना बन रही है. पूर्वानुमान की अवधि में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. न्यूनतम तापमान के 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है.
इस दौरान औसतन 7 से 9 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलने की संभावना है. हालांकि 29 जनवरी को पुरवा हवा चल सकता है. बता दें कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा. यह सामान्य से 1.0 डिग्री कम है. इसी तरह न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है. यह सामान्य से 0.2 डिग्री उपर है.
मौसम के मिजाज को भांपते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने अगात प्रभेद की तैयार हल्दी, ओल एवं आलू की खुदाई करने का सुझाव दिया है. पिछात बोयी गई गेहूं फसल में खर-पतवार नियंत्रण के कार्य को प्राथमिकता देकर पूरा करने को कहा है. बसन्तकालीन ईख की रोपाई के लिए मौसम अनुकूल हो रहा है. रोपाई के लिए खेत की तैयारी करें. गरमा मौसम की अगात सब्जियों भिन्डी, कद्दू, कदिमा, करेला, खीरा एवं नेनुआं की बुआई के लिए खेत की तैयारी करें.
विलम्ब से बोई गयी दलहनी फसल में 2 प्रतिशत यूरिया के घोल का छिड़काव एक सप्ताह के अन्तराल पर दो बार करें. अरहर में फली छेदक कीट की नियमित रुप से निगरानी करते रहें. चारा की खड़ी फसल-जई, बरसीम एवं लूसर्न की कटाई 25-30 दिनों के अंतर पर करते रहें. प्रत्येक कटनी के बाद सिंचाई कर खेतों में 10 किलोग्राम नेत्रजन प्रति हेक्टर की दर से उपरिवेशन करें.