फोटो संख्या : 3पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के तेलहन वैज्ञानिक डॉ अनिल पांडेय ने कहा कि सरसों, राई, तोरी का प्रथम फूल झरने से किसान हतोत्साह होने की जरूरत नहीं है. खास तौर से राजेंद्र सुफलाम प्रभेद का पहला फूल गिर ही जाता है. अगला फूल मकर संक्रांति के बाद इस प्रभेद में फिर से आ जायेगा. इसमें फल लगेगा. अगात किस्म में इस बदलते मौसम से कोई भी प्रभाव नहीं पड़ने को है. वहीं मध्यम व पिछात किस्मों में नमी बरकरार रखें. देर वाली प्रभेद में अधिकतम तापमान गिगने से तना की मोटाई को प्रभावित करता है. जिसे खेतों में नमी बरकरार रख कर बढ़ाया जा सकता है. बिहार के हर जिले में लगभग तोरी के खेती अधिकाधिक की जाती है. आरएयू के राजेंद्र सुफलाम प्रभेद का खेती व्यावसायिक तौर पर किसानांे के लिये लाभप्रद है.
तोरी व सरसों में दोबारा लगेगा फूल
फोटो संख्या : 3पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के तेलहन वैज्ञानिक डॉ अनिल पांडेय ने कहा कि सरसों, राई, तोरी का प्रथम फूल झरने से किसान हतोत्साह होने की जरूरत नहीं है. खास तौर से राजेंद्र सुफलाम प्रभेद का पहला फूल गिर ही जाता है. अगला फूल मकर संक्रांति के बाद इस प्रभेद में फिर से […]
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