मुख्य कार्यक्रम समन्वयक पर लगाये गये आरोपों की होगी जांचचयन करने के जिम्मा सौंपा गया जिला स्तरीय चयन समिति को प्रतिनिधि, समस्तीपुर विगत पांच पांच माह से जिला लोक शिक्षा समिति के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक पर लगाये गये आरोपों के बाद डीएम के द्वारा पदमुक्त किये जाने के बाद से जारी गतिरोध जन शिक्षा के निदेशक मंजुला तिवारी के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजे पत्र के बाद अब थम सा गया है. जानकारी के मुताबिक निदेशक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि विभाग द्वारा निर्गत पत्रांक 1901 उनके पदमुक्त होने के बाद का है. इसलिए पदमुक्त मुख्य समन्वयक को पुन: सेवा में लेने का विचार नहीं किया जा सकता है. वहीं डीइओ के द्वारा पदमुक्त मुख्य समन्वयक से पुन: कार्य लिये जाने पर भी आपत्ति व्यक्त की गयी है. साथ ही डीइओ के आदेश को नियम के विरुद्ध बताया गया है. साथ ही पत्र में जिक्र करते हुए बताया गया है कि नियुक्ति संबंधी कोई भी पत्र अध्यक्ष की अनुमति से डीपीओ साक्षरता के द्वारा निर्गत किया जा सकता है. निदेशक ने मुख्य कार्यक्रम समन्वयक के चयन के लिए विज्ञापन निकालने के साथ साथ यह भी कहा है कि अगर जांच के क्रम में मुख्य समन्वयक जांच में निर्दोष साबित होते हैं तो इस पद के लिए वह पुन: उम्मीदवार बन सकते हैं. योग्य उम्मीदवार के चयन करने का पूर्ण दायित्व जिला स्तरीय चयन समिति को दिया गया है. विदित हो कि विगत 16 अगस्त 2014 को आयोजित बैठक में विभिन्न आरोपों के कारण मुख्य समन्वयक को पदमुक्त किया गया था.
मुख्य समन्वयक प्रकरण : चयन के लिए विज्ञापन निकालने का निर्देश
मुख्य कार्यक्रम समन्वयक पर लगाये गये आरोपों की होगी जांचचयन करने के जिम्मा सौंपा गया जिला स्तरीय चयन समिति को प्रतिनिधि, समस्तीपुर विगत पांच पांच माह से जिला लोक शिक्षा समिति के मुख्य कार्यक्रम समन्वयक पर लगाये गये आरोपों के बाद डीएम के द्वारा पदमुक्त किये जाने के बाद से जारी गतिरोध जन शिक्षा के […]
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