मोहिउद्दीननगर. प्रखंड क्षेत्र के हनुमाननगर गंाव में रविवार की रात लोक कलाकारों के द्वारा गाये कंठा सुरवा होइये ना सहइया हो राम, अवध में राम के जनमियां हो राम आदि चैतावर गीतों से पूरी रात गूंजता रहा हनुमाननगऱ प्रखंड क्षेत्र से लगभग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच ंचुकी चैतावर गीत को आज भी बुजुर्ग कलाकार कमल दास व रामनंदन दास तमाम कठिनाइयों के वाबजूद संयोजे हुए है़ं चैत्रमास से प्रारंभ इन गीतांे को प्रखंड क्षेत्र के नामी गरामी व्यास के द्वारा मंडली बनाकर बड़े उत्साहपूर्वक लोगों का मनोरंजन किया जाता था. इन्हे सुनने व देखने के लिए भाड़ी भीड़ इकट्ठी होती थी़ जब कलाकार कमल दास व रामनंदन दास ने चैतावर गीत को शुरू किया इससे सुनने के लिए आसपास के गांव के लोग इकट्ठे होने लगे, नर्तक जीतन पासवान के नृत्य ने लोगों को सुखद एहसास कराया. कलाकारों ने ब्रह्मदेव भगत, रंजन दास, अरुण शर्मा, भगलू राय आदि शामिल थे.
चैतावर गीतों से गूंजा हनुमाननगर
मोहिउद्दीननगर. प्रखंड क्षेत्र के हनुमाननगर गंाव में रविवार की रात लोक कलाकारों के द्वारा गाये कंठा सुरवा होइये ना सहइया हो राम, अवध में राम के जनमियां हो राम आदि चैतावर गीतों से पूरी रात गूंजता रहा हनुमाननगऱ प्रखंड क्षेत्र से लगभग विलुप्त होने के कगार पर पहुंच ंचुकी चैतावर गीत को आज भी बुजुर्ग […]
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