विद्यालयों में लटके रहे ताले

समस्तीपुर : वेतनमान की मांग को लेकर नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालय बंद हो गये हैं. इनमें पठन पाठन का कार्य पूर्णत: ठप कर दिया गया है़ बच्चों को स्कूल नहीं आने की नसीहत प्रधानाध्यापकों द्वारा पहले ही दी जा चुकी है़ हड़ताली शिक्षक अपने प्रखंड […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
समस्तीपुर : वेतनमान की मांग को लेकर नियोजित शिक्षकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण जिले के अधिकांश सरकारी विद्यालय बंद हो गये हैं. इनमें पठन पाठन का कार्य पूर्णत: ठप कर दिया गया है़ बच्चों को स्कूल नहीं आने की नसीहत प्रधानाध्यापकों द्वारा पहले ही दी जा चुकी है़
हड़ताली शिक्षक अपने प्रखंड मुख्यालय व जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी भी कर रहे हैं. इसका नजारा शनिवार को भी देखने को मिला़ प्रखंडों में बीआरसी व सीआरसी में भी ताले लटके रह़े इस बीच नियोजित शिक्षक एक दूसरे से दूरभाष पर हड़ताल के बारे में जानकारी लेते रह़े
जिला मुख्यालय में कई संगठनों के द्वारा बैठकों का आयोजन कर इस हड़ताल को समर्थन दिया गया जिससे शिक्षकों अपनी मांग पर डटे रहने की उर्जा का प्रवाह हुआ़ शिक्षण कार्य ठप रहने से मिड डे मिल कार्यक्रम भी पूरी तरह से ठप रहा तथा उपस्थिति पंजी पर भी बहिष्कार कार्य लिखा पाया गया़ संगठनों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष अन्य जिलों की गतिविधियों से अपने आप को अपडेट करते रहे और एक एक पल की सूचना से शिक्षकों को अवगत कराते रह़े
बता दें कि सरकार व शिक्षक संगठनों के बीच वार्ता नहीं होने पर नाराज शिक्षक गुरुवार से हड़ताल पर डटे है़ बिहार नगर पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र राय ने बताया कि जबतक सरकार उनकी मांगों पर अपनी मुहर नहीं लगा देती है तब तक उनका यह हड़ताल जारी रहेगा़
श्री राय ने समाज के बुद्घिजीवियों व प्रशासनिक पदाधिकारियों से भी मांग के समर्थन का आह्वान किया है़ इधर नये शैक्षणिक सत्र के आरंभ में ही शिक्षकों द्वारा आंदोलन किये जाने से सरकारी स्कूलों में नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गयी है़ बच्चों को लेकर नामांकन कराने आ रहे अभिभावक लौटने को विवश है़ छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप अभिभावक सरकार पर लगा रहे हैं.मोहनपुर : प्रखंड के कुल साठ विद्यालयों में नियोजित शिक्षकों की हड़ताल का असर देखा गया.
शिक्षा मंत्री के साथ वार्ता विफल जाने से आक्रोशित शिक्षक संघों के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में तालाबंदी की. बच्चे विद्यालय तो आये, पर उन्हें वापसकर दिया गया. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में भी कामकाज बाधित रहा. वेतनमान की मांग को लेकर शनिवार से बेमियादी हड़ताल पर गये शिक्षकों का हूजूम अलग-अलग दल बनाकर प्रखंड के विद्यालयों में नियोजित शिक्षक ही प्रधानाध्यापक हैं.
जहां ऐसी परिस्थिति है, वहां तो विद्यालय स्वत: बंद रहा. मध्याह्न् भोजन भी नहीं बना, जबकि कई विद्यालयों में नियमित शिक्षकों ने समय से विद्यालय खोल लिया. किंतु नियोजित शिक्षकों के आग्रह पर इस प्रकार के विद्यालय भी बंद हो गये. पठन-पाठन पूर्णत: अवरुद्ध रहा. शिक्षकों ने बीएलओ के काम का भी बहिष्कार किया. प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं ग्राम पंचायत प्रवेक्षक के कहने के बावजूद शिक्षकों ने सहयोग नहीं किया. शिक्षक सभी विद्यालयों को बंद कराने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और बीआरसी में तालाबंदी की.
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