दोनों पुल की हालत जर्जर, दिख रहे टूटे छड़प्रतिनिधि, दलसिंहसराय सड़क निर्माण व पुल निर्माण को लेकर सरकार जहां अपनी सक्रियता दिखा रही है. वहीं निर्मित सड़कों व पुलों में गुणवत्ता व उनके रख रखाव के प्रति संजीदगी न होना एक सोचनीय विषय है. इसका जीता जागता उदाहरण है दलसिंहसराय पगड़ा व गुदरी पुल में जगह जगह बन आये छोटे बड़े गड्ढे. जो अक्सर हादसों को आमंत्रित करनी नजर आती है. बता दें कि दोनों ही पुल क्षेत्र से होकर बहने वाली एकमात्र नदी बलान के ऊपर बनी है. इनसे पगड़ा पुल की बात करें तो यह एनएच 28 के ठीक बीचोबीच पगड़ा गांव के पास स्थित है जो काफी जर्जर हो चुकी है. अगर यह पुल टूट जाये तो एनएच 28 का संपर्क पूरी तरह उत्तर बिहार के अन्य जिलों से टूट सकता है. इनसे होकर रोजाना हजारों की संख्या में छोटे बड़े वाहन गुजरते हैं. क्योंकि यह राजकीय राजमार्ग के बीच है. लेकिन, इन दिनों इन पर जगह जगह छोटे बड़े गड्ढे बन चुके हैं जो दिनोदिन बड़े होते जा रहे हैं. बड़े वाहनों के गुजरते वक्त अक्सर जाम लग जाती है. अगर कोई वाहन जरा भी असंतुलित हुई तो नदी में उसे जाने से रोका नहीं जा सकता. इसलिए पुल से गुजरते वक्त वाहन चालक धीरे धीरे वाहन निकलते हैं. इससे जाम लगना स्वाभाविक है. अभी हाल ही में पुल से गुजरते वक्त अनियंत्रित ट्रक की ठोकर से एक बाइक सवार की मौत भी हो गयी थी, जो असीनचक गांव का रहने वाला था. दूसरी तरफ शहर के बीचो बीच स्थित गुदरी पुल एनएच 28 को अनुमंडल मुख्यालय से जोड़ती है. लेकिन इस पुल में जगह जगह बने गड्ढे में निकले छड़ खुद अपनी कहानी व जर्जरता बयां करती है. दिनभर दोनों पुलों से होकर प्रशासनिक पदाधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के वाहन गुजरते हैं लेकिन हालात देखकर ऐसा लगता है मानों सबों को बड़े हादसे का इंतजार हो.
:हादसों को आमंत्रित कर रही पगड़ा व गुदरी पुल में बने गड्ढे
दोनों पुल की हालत जर्जर, दिख रहे टूटे छड़प्रतिनिधि, दलसिंहसराय सड़क निर्माण व पुल निर्माण को लेकर सरकार जहां अपनी सक्रियता दिखा रही है. वहीं निर्मित सड़कों व पुलों में गुणवत्ता व उनके रख रखाव के प्रति संजीदगी न होना एक सोचनीय विषय है. इसका जीता जागता उदाहरण है दलसिंहसराय पगड़ा व गुदरी पुल में […]
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