समस्तीपुर : जर्जर रेलवे कोर्ट मामले में डीआरएम को डीजे के यहां उपस्थित नहीं होने को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. हाईकोर्ट ने अब डीआरएम को सदेह उपस्थित होने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद रेलवे अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गयी है. सूत्रों ने बताया कि रेलवे कोर्ट […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
समस्तीपुर : जर्जर रेलवे कोर्ट मामले में डीआरएम को डीजे के यहां उपस्थित नहीं होने को हाई कोर्ट ने गंभीरता से लिया है. हाईकोर्ट ने अब डीआरएम को सदेह उपस्थित होने का निर्देश दिया है. हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद रेलवे अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गयी है. सूत्रों ने बताया कि रेलवे कोर्ट का भवन व हाजत काफी जर्जर हालात में है,
जहां कभी भी कोई घटना हो सकती है. इससे संबंधित शिकायत कई बार कोर्ट के कर्मी व अधिवक्ताओं ने रेलवे न्यायालय व डीजे से की थी. इस पर हाल ही में डीजे ने डीआरएम को नोटिस भेज कर उपस्थित होने का निर्देश दिया था. चर्चा है कि नोटिस के बावजूद डीआरएम उपस्थित नहीं हुए.
रेल थाने के शव गृह से हो रही परेशानी
रेल थाना परिसर में अज्ञात लाश को 72 घंटे तक रखने का प्रावधान है. लाश रखने के लिए एक शव गृह भी है. जहां खुले में शव रखा जाता है. लाश की बदबू से कोर्ट का कामकाज प्रभावित होता है. कोर्ट कार्यालय में काम करने वाले कर्मी व वकीलों को दिक्कत होती है. बदबू के कारण लोग खड़ा नहीं हो पाते.
जर्जर है कोर्ट कार्यालय व हाजत
रेलवे कोर्ट का कार्यालय व हाजत अंग्रेज के जमाने का है. भवन काफी पुराना होने के कारण जर्जर हो चुका है. कर्मी व वकील डरे रहते हैं. जर्जर भवन की जगह नया भवन बनाने के लिए कई बार कोर्ट द्वारा डीआरएम से पत्राचार किया गया है, लेकिन रेलवे इस पर ध्यान नहीं दे रही है.
िजला कोर्ट में नहीं हुए थे पेश
जर्जर रेलवे कोर्ट व हाजत की मरम्मत का मामला
वातानुकूलित शव गृह का भी अबतक नहीं कराया निर्माण
शवों की दुर्गंध से कोर्ट के कामकाज में होती है परेशानी
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