एटीएम पर भीड़ में आयी कमी, अब नहीं लगती पहले की तरह लाइन
समस्तीपुर : नोटबंदी के एक सप्ताह बाद तक एटीएम पर लोगों की लंबी कतारें लगी रहती थी. भीड़ का आलम यह था कि चौबीस घंटे लोग लाइन में ही दिखते थे. शहर का कोई ऐसा एटीएम नहीं था, जहां हमेशा कम से कम सौ से अधिक लोगों की भीड़ न दिखती हो. पर अब ऐसा […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
समस्तीपुर : नोटबंदी के एक सप्ताह बाद तक एटीएम पर लोगों की लंबी कतारें लगी रहती थी. भीड़ का आलम यह था कि चौबीस घंटे लोग लाइन में ही दिखते थे. शहर का कोई ऐसा एटीएम नहीं था, जहां हमेशा कम से कम सौ से अधिक लोगों की भीड़ न दिखती हो. पर अब ऐसा नहीं है. पहले जहां छह एटीएम शहर में चलते थे,
वहीं आज की तिथि में 25 से अधिक एटीएम काम कर रहे हैं. पिछले चार दिनों से सौ के नोट के साथ-साथ दो हजार के नोट भी स्टेट बैंक समेत अन्य बैंकों के एटीएम से निकल रहे हैं. बुधवार से शहर के कई एटीएम में पांच सौ के नो भी डाले गये. पांच सौ के नोट मार्केट में आते ही एक तो खुदरा की किल्लत दूर होगी वहीं एटीएम एवं बैंकों पर दिखने वाली भीड़ में भी कमी आयेगी. बुधवार को मोहनपुर रोड के चालू एटीएम पर कतार में मुश्किल से पंद्रह से बीस लोग दिखे.
सदर अस्पताल वाले एटीएम एवं मेन ब्रांच के एटीएम पर भी तीस से चालीस लोग कतार में दिखे. हालांकि ताजपुर रोड के एटीएम पर बुधवार को भी सौ से अधिक लोगों की कतार दिखी. शहर के गोला रोड, स्टेशन रोड एवं स्टेशन पर स्थित एटीएम पर भी पहले की तुलना में भीड़ में काफी कमी आयी है. लोग घंटाभर में एटीएम से पैसा निकाल ले रहे हैं. हालांकि राशि मात्र दो से ढाई हजार निकलनेे के कारण परेशानी जरूर हो रही है. जिनको दस हजार रुपये की जरूरत है, उन्हें क्या तो बैंक में जाकर एक दिन में निकालना पड़ता है या फिर चार पांच दिनों तक एटीएम में लाइन में लगकर निकालना पड़ता है.
ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों में अब भी लोगों की परेशानी बरकरार
ग्रामीण क्षेत्र के बैंक शाखाओं में लोगों की परेशानी अब भी बरकरार है. लोगों दिनभर बैंकों में कतार में खड़े रहना पड़ता है. स्थिति यह हो जाती है तो इसके कारण लोगों को दो तीन दिनों तक बैंकों का चक्कर लगाना पड़ता है. विक्रमपुर बांदे स्थिति केनरा बैंक की शाखा में करीब चार सौ से अधिक लोग कतार में दिखे. यही स्थिति रामकृष्णपुर गंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में देखने को मिली.वहां भी लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थी. इसके अलावा उजियारपुर स्टेट बैं़क,
अंगारघाट स्टेट बैंक समेत अन्य बैंकों की भी यही स्थिति रही. लोग नोट बदलवाने के साथ अपने खाता में राशि जमा कराने एवं निकासी के लिये भी आये हुए थे. बैंक कर्मियों के द्वारा अलग अलग कतार लगवाया गया था. एक लाईन नोट बदलवाने वाले की थी तो दूसरा जमा एवं निकासी करने वालों की. बता दें कि खेती बारी का सीजन चल रहा है.
आलू, मक्का, गेहूं के साथ दलहन की बुआई भी चल रही है. खेतों की जुताई एवं खाद बीज के लिये किसान बैंकों से लोग नोट बदलने के साथ साथ निकालने के लिये पहुंच रहे हैं.
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