बिहार नगरपालिका के नियम के विरुद्ध बैठक

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By Prabhat Khabar Digital Desk | December 19, 2016 5:55 AM

अविश्वास प्रस्ताव. 12 में से आठ पार्षदों ने कहा

समस्तीपुर : अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आयोजित शनिवार की बैठक को आठ पार्षदों ने बिहार नगरपालिका नियम के विरुद्ध बताते हुए कहा है कि विपक्ष के दबाव में आकर नप के कार्यपालक पदाधिकारी ने बैठक करायी है. जल्द ही विभाग को पूरे मामले से अवगत कराया जायेगा, ताकि विपक्षी को सही नियम से अवगत कराया जा सके.
बता दें कि नप अध्यक्ष अर्चना देवी पर लगाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर विशेष बैठक शनिवार को आयोजित की गयी थी, जिसमें 12 पार्षदों ने भाग नहीं लिया था. माना जा रहा था कि विपक्ष को उन्होंने मौन समर्थन दिया है. लेकिन बैठक से इतर 12 में से आठ पार्षद विशेष रणनीति बनाने में जुटे थे. जिसे रविवार को अंतिम रूप दिया गया. सूत्रों की मानें तो निवर्तमान नप अध्यक्ष अर्चना देवी की आस अभी भी हाइकोर्ट से बंधी हुई है.
मंगलवार तक उम्मीद की किरण से एकबार फिर नप की राजनीति में भूचाल आयेगा. कुछेक पार्षदों ने बताया कि जिस एनजीओ का भुगतान गलत तरीके से किये जाने का आरोप लगाया जा रहा है, वह मामला तीन वर्ष पूर्व का है. उस वक्त सफाई समिति के अध्यक्ष व समिति के एक सदस्य भी थे जो फिलवक्त विपक्षी टीम में किंगमेकर व वरिष्ठ पार्षद की भूमिका में है. इनकी अनुशंसा पर भुगतान किया गया. इन पार्षदों का कहना है कि गुदरी मार्केंट आवंटन प्रकरण की जांच के लिए बोर्ड के निर्णय के आलोक में जांच समिति बनायी गयी. लेकिन उस वक्त निवर्तमान नप अध्यक्ष अर्चना देवी के एक चहेते पार्षद, जो अभी विपक्ष के टीम है वे दबाव देकर गलत रिपोर्ट की अनुशंसा करवाना चाह रहे. जब इनकार कर दिया गया, तो गलत और गुमराह करने की राजनीति शुरू हो गयी. जल्द ही रिश्तेदारों के नाम से टेंडर भरनेवाले आधा दर्जन पार्षदों की सदस्यता जायेगी. आयोग कार्यालय में 29 दिसंबर को इनके भाग्य का फैसला होगा. कुल मिलाकर अविश्वास
प्रस्ताव को लेकर शुरू हुई राजनीति अभी भी ठंड नहीं पड़ी है. पक्ष और विपक्ष पार्षदों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है.

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