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स्पीड रडार गन रोकेगी वाहनों की रफ्तार, बॉडी वार्न कैमरे की निगरानी में जांच

स्पीड रडार गन रोकेगी वाहनों की रफ्तार, बॉडी वार्न कैमरे की निगरानी में जांच

अंकुर कुमार, समस्तीपुर : जिले में यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए ट्रैफिक पुलिस को नये तकनीक वाले हाइटेक उपकरणों से लैस किया जा रहा है. हाल ही में पुलिस मुख्यालय से स्थानीय ट्रैफिक पुलिस को बॉडी वार्न कैमरा और लाइट स्टीक उपलब्ध कराया गया है, बॉडी वार्न कैमरे में वीडियो के साथ वॉयस रिकार्डिंग की भी सुविधा है. वाहन जांच के वक्त ट्रैफिक पुलिस इसका उपयोग करेगी. वहीं, लाइट स्टीक का उपयोग ट्रैफिक पोस्ट पर रात के वक्त वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए किया जायेगा. इसके अलावे एनएच पर तेज रफ्तार वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए जल्द ही स्पीड रडार गन भी प्रदान किया जायेगा. स्पीड रडार गन के माध्यम से सड़क पर गुजर रहे हर वाहनों की गति को माप सकते हैं. यदि कोई तय गति से तेज वाहन चलाता है तो उस पर यातायात कानून के तहत मौके पर ही कार्रवाई होगी. इसके अलावे शहर मोहनपुर रोड और ताजपुर रोड समेत चार प्रमुख स्थान और एनएच 28 पर क्लोज सर्किट कैमरा भी स्थापित किया जायेगा. इससे वाहनों की आवाजाही पर पुलिस के पैनी नजर रहेगी. यातायात थानाध्यक्ष सुनीलकांत ने बताया कि बताया कि हर सड़क के लिए अलग-अलग गति सीमा निर्धारित है. किसी सड़क पर अधिकतम 40 तो किसी पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार निर्धारित है. कई गाड़ियां इससे तेज गति से चलती है. स्पीड रडार गन की मदद से गाड़ियों की रफ्तार चेक की जाएगी और मौके पर पर ही वाहन मालिकों पर कार्रवाई होगी. वहीं, दो बॉडी वार्न कैमरा ट्रैफिक पुलिस को मिला है. यह पुलिसकर्मियों की हर गतिविधि को रिकॉर्ड करेगा. चालान काटने के दौरान या किसी से बातचीत की पूरी जानकारी इसमें रिकॉर्ड होगी. कई लोग पुलिस पर बदसलूकी का आरोप लगाते हैं. इस कैमरे की मदद से सारी घटना दोबारा से देखी जा सकेगी. ट्रैफिक पुलिस को प्रदान किये गये नये आधुनिक उपकरण के उपयोग से काम काज में पारदर्शिता आयेगी.

निर्धारित रफ्तार से तेज भगाया वाहन तो सुबूत के साथ पकड़ेगी लेजर स्पीड गन, पुलिस पदाधिकारी व जवानों को किया गया प्रशिक्षित

राष्ट्रीय राजमार्ग हो या स्टेट हाइवे, तय सीमा से अधिक गति में फर्राटा भरना भारी पड़ेगा. दिन हो या रात, ओवर स्पीड वाहन एक किमी दूर से ही पकड़ में आ जायेंगे. इस बात का सुबूत भी होगा कि वह मानक से कितना अधिक तेज चल रहे थे. अभी तक ओवर स्पीड वाहन पकड़े जाने पर चालक पुलिस से उलझ जाते थे कि रफ्तार तेज नहीं थी. ट्रैफिक पुलिस के पास कोई साक्ष्य नहीं होता था कि वह वाहन की गति तेज साबित कर पायें. इससे निजात दिलाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने ट्रैफिक पुलिस को लेजर स्पीड गन से लैस करने का निर्णय लिया है. यातायात थानाध्यक्ष सुनीलकांत ने बताया कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर वाहनों की गति सीमा नियंत्रित रखने के लिए पुलिस खास तौर पर सक्रिय है. पुलिस मुख्यालय से जल्द ही ट्रैफिक पुलिस को स्पीड गन उपलब्ध कराया जायेगा. इस गन के उपयोग के लिए खास तौर पर पुलिस के एएसआई, एसआई के रैंक के पदाधिकारी समेत दस जवानों को प्रशिक्षित किया भी गया है. पहले वाहनों की गति मापना मुश्किल था. वाहन चालक अभद्रता पर आमादा हो जाते थे, लेकिन अब ट्रैफिक पुलिस के पास लेजर स्पीड गन के जरिए सुबूत होगा. पुलिसकर्मी कार्रवाई कर सकेंगे. आधुनिक तकनीक से लैस यह लेजर स्पीड गन 1000 मीटर की दूरी तक वाहनों की गति माप लेगी. यदि कोई तय गति से तेज वाहन चलाता है तो उस पर यातायात कानून के तहत मौके पर ही कार्रवाई होगी. लेजर गन में चिप लगी हुई है, जो वाहन की तस्वीर को खींचने के साथ उसकी गति का पता लगाने के बाद उसकी रसीद तक जारी कर देता है. इससे चालक के विरुद्ध ठोस सुबूत मौके पर ही उपलब्ध हो जाता है. चालकों का मौके पर ही चालान काट दिया जाता है. इसके अलावे ई चालान की भी सुविधा है. जो वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सबूत के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा.

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Prabhat Khabar News Desk
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