Saran News : पुलिस पर हमला, दारोगा सहित चार पुलिसकर्मी घायल

गोपालबाड़ी गांव में सोमवार को शराब मामले के प्राथमिकी अभियुक्त बिगन प्रसाद के पुत्र शंभू प्रसाद को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर लोगों ने हमला कर दिया. इस हमले में चार पुलिसकर्मी घायल हो गये.

By SHAH ABID HUSSAIN | March 17, 2025 10:16 PM

मशरक. थाना क्षेत्र के गोपालबाड़ी गांव में सोमवार को शराब मामले के प्राथमिकी अभियुक्त बिगन प्रसाद के पुत्र शंभू प्रसाद को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर लोगों ने हमला कर दिया. इस कारण तरैया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह, एएसआइ अपु कुमार और मशरक थाने की महिला पुलिस प्रीति कुमारी और रूबी कुमारी घायल हो गयी. सभी का उपचार मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया. अभियुक्त के मोबाइल लोकेशन पर गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस पर हमला होते ही मशरक, तरैया, इसुआपुर सहित चार थानाें की पुलिस मौके पर पहुंची. इसके बाद अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान पुलिस से उलझने वाले अभियुक्त शंभू प्रसाद के भाई शंकर प्रसाद और वार्ड पार्षद बंटी राय को गिरफ्तार किया गया. पुलिस बल पर हमले की यह पहली घटना नहीं है, इससे पूर्व हाल ही में बहरौली गांव में श्मशान विवाद को लेकर पुलिस बल पर हमला हुआ था. जानकारी के मुताबिक उक्त अभियुक्त पर तरैया थाने में शराब बिक्री करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज थी, जिसको लेकर तरैया पुलिस मशरक पुलिस के साथ उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो परिजन सहित आसपास के लोग पुलिस से भिड़ गये. देखते-ही-देखते हाथापाई मारपीट में बदल गयी. इस कारण चार पुलिसकर्मी घायल हो गये. गिरफ्तार अभियुक्त पर मशरक थाने में आधा दर्जन केस दर्ज हैं. उधर अभियुक्त की गिरफ्तारी के दौरान पूछताछ करने पहुंचे वार्ड पार्षद की पिटाई और गिरफ्तारी पर नगर पंचायत के मेयर सोहन महतो, उपमेयर प्रतिनिधि अमित सिंह, वार्ड पार्षद राजेश तिवारी सहित अन्य द्वारा घटना की निंदा की गयी और कहा गया कि पुलिस प्रशासन के इस रवैये का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर किया जायेगा. इस मामले में वरीय पदाधिकारी से मिलकर घटना की जांच कराने को कहा गया. इनके मुताबिक वार्ड पार्षद अभियुक्त की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस से केवल यह पूछने गये थे कि किस मामले में इनकी गिरफ्तारी की जा रही है, जिस पर पुलिस द्वारा उन पर हाथ चलाया गया, जिसका विरोध करने पर गिरफ्तार किया गया. नगर पंचायत प्रतिनिधि इस बात से ज्यादा नाराज हैं कि जब मामला किसी जनप्रतिनिधि का हो तो पहले जांच-पड़ताल करना चाहिए.

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