खुरहा नामक बीमारी के कारण दर्जन भर मवेशियों की जान जा चुकी

शेखपुरा : सदर प्रखंड के कैथवां, महसार, गगरी समेत कई पंचायतों के तकरीबन 30 गांव में खुरहा नामक बीमारी के कारण दर्जन भर मवेशियों की जान जा चुकी है. सदर प्रखंड के महसार पंचायत में पिछले 10 दिनों में लगभग 17 गाय और बछड़े की जान खुरहा नामक बीमारी से जा चुकी है. खुरहा नामक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 24, 2018 4:51 AM

शेखपुरा : सदर प्रखंड के कैथवां, महसार, गगरी समेत कई पंचायतों के तकरीबन 30 गांव में खुरहा नामक बीमारी के कारण दर्जन भर मवेशियों की जान जा चुकी है. सदर प्रखंड के महसार पंचायत में पिछले 10 दिनों में लगभग 17 गाय और बछड़े की जान खुरहा नामक बीमारी से जा चुकी है. खुरहा नामक बीमारी फिल्ट्रेबुल नामक वायरस के फैलने से ज्यादातर बरसात के मौसम में होता है. फिल्ट्रेबुल वायरस एक संक्रामक वायरस है और जानलेवा भी है. इसके हो जाने से मवेशियों के पैर और मुंह में बुरी तरीके से जख्म हो जाती है, जिससे मवेशियों का खाना पीना बंद हो जाता है. वह चलने में असमर्थ हो जाते हैं और वायरस के संक्रमण के कारण उनकी जान भी चली जाती है.

इस बीमारी के होने के तुरंत बाद दुधारू पशुओं के दूध तुरंत सूख जाती है. गर्भवती मवेशी के गर्भपात भी होने की संभावना हमेशा बनी रहती है. महसार पंचायत के सिरारी गांव निवासी किसान राकेश कुमार, धारो कुमार, प्रवीण कुमार, समेत कई किसानों ने अपने मवेशियों को इस बीमारी से जूझ रहे हैं. लेकिन वह कुछ करने में असमर्थ है. किसानों का कहना है कि उनके इस समस्या का समाधान करने के लिए कोई भी चिकित्सक या सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि सामने नहीं आ रहे.
वह शिकायत लेकर जिला पशु चिकित्सालय गये थे. परंतु वहां उन्हें सिर्फ एक फिनाइल की बोतल देकर भेज दिया गया. इतना ही नहीं फिनाईल के अलावा कोई दवा उपलब्ध नहीं होने की बात भी कहीं. यहां कोई भी दवाई उपलब्ध नहीं है स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण मवेशियों की जान जा रही है.
पीड़ित ग्रामीणों ने आरोप लगाया की नेताओं ने फीता तो काट खुरहा रोग से बचाव के लिए अभियान का उद्घाटन किया किया था. लेकिन अब तक इस गांव में टीकाकरण नहीं किया गया. किसानों का आरोप है कि टीकाकरण अभियान सिर्फ कागज पर ही पूरा किया गया है. इस बाबत महसार पंचायत के मुखिया विजय कुमार सिंह, पैक्स अध्यक्ष अजीत कुमार, समाजसेवी रंजीत कुमार निराला,जदयू नेता इकस औलिया ने काफी चिंता जतायी है और जिला प्रशासन से मवेशियों के उचित इलाज के लिए कार्रवाई की जाये.