जताया विरोध. हुसैनाबाद में जलसंकट गंभीर, महिलाओं ने जाम की सड़क

अधिकारियों को बनाया बंधक जलसंकट को लेकर हुसैनाबाद के सैकड़ों लोगों ने शेखपुरा-आढ़ा सड़क मार्ग को जाम कर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने पीएचइडी अधिकारियों को भी बंधक बनाया. मौके पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि शेखपुरा नगर परिषद् की शहरी आबादी को पानी आपूर्ति के लिए तीन-तीन जलापूर्ति ट्यूबवेल हुसैनाबाद और विद्यापुर गांव में संचालित […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

अधिकारियों को बनाया बंधक

जलसंकट को लेकर हुसैनाबाद के सैकड़ों लोगों ने शेखपुरा-आढ़ा सड़क मार्ग को जाम कर नारेबाजी की. ग्रामीणों ने पीएचइडी अधिकारियों को भी बंधक बनाया. मौके पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि शेखपुरा नगर परिषद् की शहरी आबादी को पानी आपूर्ति के लिए तीन-तीन जलापूर्ति ट्यूबवेल हुसैनाबाद और विद्यापुर गांव में संचालित है.
प्रत्येक वर्ष जल संकट से जूझते हैं हुसैनाबाद गांव के लोग
शेखपुरा : मुख्यालय की बड़ी शहरी आबादी को पानी आपूर्ति करने वाले हुसैनाबाद पंचायत को खुद ही जल संकट से जूझना पड़ रहा है. बुधवार को जल संकट की त्रासदी को लेकर हुसैनाबाद के सैकड़ों लोगों ने जलसंकट से निजात को लेकर शेखपुरा आढ़ा सड़क मार्ग को जाम कर जम कर नारेबाजी की. इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पीएचइडी अधिकारियों को भी बंधक बनाया. मौके पर आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि शेखपुरा नगर परिषद् की शहरी आबादी को पानी आपूर्ति के लिए तीन-तीन जलापूर्ति ट्यूबवेल हुसैनाबाद और विद्यापुर गांव में संचालित है,
जिसके कारण गरमी आते ही जल स्तर बड़ी तेजी से नीचे चला जाता है. जिसके कारण पंचायत में चापाकल और कुआं सभी फेल हो जाते हैं. पिछले तीन चार सालों से व्याप्त स्थितियों को लेकर जिलाधिकारी को भी लिखित जानकारी दी गयी. इस बाबत स्थानीय आलोक मुखिया से भी पहल की मांग की गयी थी, लेकिन आज तक कोई पहलकदमी नहीं की जा सकी.
पानी के अभाव में लोग तीन-तीन दिनों में नहाने को विवश है. पीने के पानी के लिए निजी नलकूपों का चक्कर लगाने को विवश है. आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने हुसैनाबाद के जल संकट का जायजा लेने पहुंचे पीएचइडी के सहायक अभियंता प्रवीण कुमार व कनीय अभियंता नवल किशोर प्रसाद को भी घेर कर शेखपुरा के लिए बनी नलकूप से जलापूर्ति बहाल करने की मांग की.
इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों को मुखिया आलोक ने बड़ी मशक्कतों से शांत करा कर सड़क मार्ग पर आवागमन बहाल किया. इसके साथ ही अधिकारियों के साथ जलापूर्ति बहाल करने के लिए पंप हाउस का जायजा लिया और सात दिनों के अंदर जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया. अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण अपने घर को वापस लौट गये. दरअसल शेखपुरा नगर परिषद् के 27 वार्डों को जलापूर्ति बहाल करने के लिए 28 करोड़ की योजना को क्रियान्वित किया गया तब शहर की बड़ी आबादी को पानी आपूर्ति के लिए नगर परिषद् सीमा क्षेत्र से लगभग दो किमी दूर हुसैनाबाद गांव में तीन-तीन जलापूर्ति पंप हाउस का निर्माण किया गया.
इस योजना के निर्माण के दौरान भी स्थानीय लोगों ने हुसैनाबाद को भी शहरी जलापूर्ति योजना से जोड़ने की मांग की थी. दरअसल हुसैनाबाद में जलापूर्ति को लेकर जब पुराना नलकूप लगभग एक साल से खराब पड़ा है.
ऐसे में ग्रामीणों ने यह चेतावनी दी है कि अगर सात दिनों के अंदर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल नहीं की जाती है तब शेखपुरा शहर को पानी आपूर्ति करने वाले पंप हाउस में भी ताला जड़ देंगे. ऐसे में ग्रामीणों के इस चेतावनी के बाद भी अगर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तब शहर में भी जल संकट की समस्या खड़ी हो सकती है.
दरअसल हुसैनाबाद से जिस पंप हाउस के जरिये शेखपुरा शहर को पानी की आपूर्ति की जा रही है, महज पांच फुट पाइप लाइन जोड़ने के बाद शहरी जलापूर्ति पाइप लाइन से स्थानीय ग्रामीणों को भी पानी मिलने लगेगा.
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