सीएम अंकल, हमारी भी फरियाद सुन लो

शेखपुरा. मध्य विद्यालय शेखपुरा प्रखंड मुख्यालय में सभी 179 बच्चे नामांकित हैं. विद्यालय परिसर में जलजमाव की अवस्था को लेकर ना तो बच्चे स्कूल जाना चाहते और ना अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं. दरअसल पिछले तीन चार वर्षों से विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या है. समस्या को ले विद्यालय प्रबंधन सहित […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

शेखपुरा. मध्य विद्यालय शेखपुरा प्रखंड मुख्यालय में सभी 179 बच्चे नामांकित हैं. विद्यालय परिसर में जलजमाव की अवस्था को लेकर ना तो बच्चे स्कूल जाना चाहते और ना अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं.

दरअसल पिछले तीन चार वर्षों से विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या है. समस्या को ले विद्यालय प्रबंधन सहित पीएचइडी विभाग पूरी तरह जिम्मेवार है. दरअसल विद्यालय से सटे जलापूर्ति पंप हाउस के समीप तीस हजार गैलन का संप व पंद्रह हजार गैलन का टावर टैंक बनाया गया है. उक्त टैंक में पानी की आपूर्ति करीब 3 किलोमीटर दूर हुसैनाबाद से की जाती है. इस टैंक के जरिये शहर की बड़ी आबादी को पेयजल की आपूर्ति की जाती है.

जलापूर्ति पंप हाउस के दो स्थानों पर मामूली लीकेज के कारण पिछले कई वर्षों से विद्यालय परिसर जलजमाव की समस्या को जूझ रहा है.

स्थानीय लोगों की माने तो जल आपूर्ति के लिए बनायी गयी चाबी और थोड़े ही दूर पर पाइप लाइन में मामूली लिकेज मरम्मती का काम दो मजदूर और दो कारीगर बामुश्किल 4 से 5 घंटे में ही पूरा कर सकते हैं.लेकिन सैकड़ों मासूम बच्चों के साथ साथ विद्यालय के अस्तित्व बचाने के लिए विभाग ने इस मामूली से काम को भी करवाना मुनासिब नहीं समझा.

विद्यालय की छात्रा वंदना कुमारी,अंजली कुमारी, गुड़िया कुमारी राजनंदनी ने बताया कि विद्यालय आने के दौरान सालों भर पानी से होकर गुजरना पड़ता है. अक्सर फिसल जाने के कारण गिरने और जख्मी हो जाने की स्थिति को भी झेलना पड़ता है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि विद्यालय परिसर में प्रार्थना और पीटी के लिए जगह नहीं बचती. ऐसे में बिना प्रार्थना के ही विद्यालय में पढ़ाई करने को विवश हैं.जलजमाव कि इस समस्या से अक्सर बीमारियों के संक्रमण का भी खतरा बना रहता है.

इस दिशा में पहले भी निरीक्षण में आने वाले जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों के समक्ष गुहार लगायी गयी है लेकिन आज तक किसी ने इस दिशा में ठोस कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझा.विद्यालय की एच एम चंद्रावती कुमारी ने कहा कि पिछले बार जब प्रभात खबर में बच्चों की समस्या को उजागर किया गया तब जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय का निरीक्षण किया. लेकिन निरीक्षण के दौरान जलजमाव की समस्या के वजाय वे विद्यालय के शैक्षणिक और अन्य खामियों को उजागर करने में मशगूल रहे.इतना ही नहीं इस समस्या पर बात रख रखने वाले छात्र एवं अभिभावकों को भी फटकार लगाई.जलजमाव की समस्या को लेकर जिलाधिकारी को पत्राचार करने की बात कही गई तब पीएचईडी विभाग के अधिकारियों ने लीकेज की मरम्मती कराने का आश्वासन दिया. लेकिन आज तक मरमती का काम भी नहीं किया जा सका.

विद्यालय के बच्चों ने कहा कि 3 माह पूर्व इस समस्या को लेकर डीएम अंकल सभी फरियाद लगाई थी लेकिन आज सीएम अंकल जी अगर हमारी हमारी फरियाद सुन ले तो बड़ी बात होगी.

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