लोगों से मिल रही निरंतर शिकायत से जागा प्रशासन

नगर पंचायत बस एसोसिएशन व पुलिस के बीच हुई बैठक बरबीघा : क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों एवं मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम की निरंतर मिल रही शिकायत के आलोक में जिला प्रशासन के जारी निर्देश के फल स्वरुप सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गयी. नगर पंचायत बस एसोसिएशन एवं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 7, 2017 3:54 AM

नगर पंचायत बस एसोसिएशन व पुलिस के बीच हुई बैठक

बरबीघा : क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहों एवं मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम की निरंतर मिल रही शिकायत के आलोक में जिला प्रशासन के जारी निर्देश के फल स्वरुप सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गयी. नगर पंचायत बस एसोसिएशन एवं स्थानीय पुलिस प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में अभियान चलाकर जाम के मुख्य कारण अतिक्रमण एवं मुख्य चौक-चौराहों पर अवैध ढंग से वाहन पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय सर्वसम्मति से पारित किया गया. बैठक में थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नवीन कुमार ने नगर पंचायत एवं प्रतिनियुक्त प्रशासनिक पदाधिकारी को पुलिस प्रशासन की ओर से हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया वही नगर पंचायत की ओर से नगर वासियों को दी गई पूर्व की सूचना
पर अमल करवाने के लिए अपनी अपनी तत्परता दिखाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ने का वचन दिया गया. नगर पंचायत अध्यक्ष चमरू पासवान ने मुख्य बाजार में 8:00 बजे दिन से 8:00 बजे रात तक बड़े वाहनों के प्रवेश निषेध पर कड़ाई से अमल करवाने में और अतिक्रमण मुक्ति के लिए अपनी ओर से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया. बस एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सतपाल यादव एवं उपाध्यक्ष रामानुज सिंह ने भी सभी वाहन मालिकों को मुख्य मार्गो पर वाहन पार्किंग नहीं करने की सूचना देकर प्रशासन से सहयोग करने की बात बताई गई. अभियान चलाकर अतिक्रमणकारियों एवं अवैध ढंग से वाहन पार्किंग करने वाले चालकों एवं मालिकों पर विधि सम्मत कार्रवाई की सूचना से हड़कंप मच गया है. बताते चलें कि कुछ माह पूर्व भी जिला प्रशासन के कड़े निर्देश पर इस प्रकार की कार्रवाई पूर्व में भी की गई थी परंतु स्थानीय प्रशासन की अनदेखी एवं कार्य शिथिलता के कारण स्थिति कुछ ही सप्ताह के बाद पूर्ववत हो गई. महावीर चौक, डॉक्टर श्री कृष्ण सिंह चौक, लाला बाबु चौक (थाना चौक) आदि जगह पर रोजाना घंटों जाम लगने से इन मार्गों पर अवस्थित सरकारी दफ्तरों जैसे बैंक, अंचल, प्रखंड, पशु चिकित्सालय, अस्पताल, नगर पंचायत कार्यालय, सिंचाई कार्यालय एवं कई बैंक शाखाओं जाने वाले और रोजमर्रा सफर करने वाले आम लोगों को काफी फजीहत का सामना करना पड़ता है. इस अभियान का प्रभाव कितने दिनों तक बरकरार रह पाता है.

Next Article

Exit mobile version