गोद लेना आसान : अजय

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By Prabhat Khabar Digital Desk | May 27, 2017 11:30 PM

पहल. पिछले कानून की जटिलता को दूर करते हुए नया कानून

शेखपुरा : कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि संतानहीन को अब दत्तक ग्रहण करना काफी आसान हो गया है.
पिछले कानून की सभी जटिलता को दूर करते हुए सरकार ने नया कानून बनाया है. पहले के कानून के तहत केवल हिंदू ही दत्तक ग्रहण कर सकते थे पर नये कानून के अनुसार कोई भी धर्म का व्यक्ति दत्तक ग्रहण कर सकता है. नि:संतान दंपती के अलावा बिना शादीशुदा व्यक्ति या औरत भी दत्तक पुत्र या पुत्री ग्रहण कर सकता है. कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित एक प्रशिक्षण शिविर में पावर प्रेजेंटेशन में दे रहे थे.
इस आयोजन में सब जज विवेकानंद, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव रंजन सिंह आदि भी मौजूद थे. प्रशिक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव राजीव रंजन सिंह आदि भी मौजूद थे. प्रशिक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के 25 से ज्यादा पैनल अधिवक्ता, जिला किशोर न्याय कोर्ट के सदस्य श्री निवास आदि मौजूद थे.
प्रशिक्षण सत्र में समाज में दबे कुचले, असहाय तथा अनाथ बच्चों के अधिकारों में जानकारी दी गयी. नये दत्तक ग्रहण का पंजीकरण व निबंधन आवश्यक रूप से किये जाने की जानकारी दी गयी. बताया गया कि कोई भी अनाथ बच्चा पाये जाने पर सीधे उसे दत्तक के रूप में यदि कोई रख लेगा तो वह विधि सम्मत नहीं है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल में नामित सभी अधिवक्ता को आगाह किया कि अनाथ बच्चे को पहले जिला बाल संरक्षण समिति को सुपुर्द करें और समिति के समक्ष दत्तक ग्रहण करने का आवेदन करें.
आवेदन प्राप्त होने के बाद समिति दो माह के भीतर दत्तक लेने वाले के हैसियत तथा अनाथ बच्चे के माता-पिता के बारे में जानकारी इकट्ठा करेगा और सभी तरह से संतुष्टि पर ही दत्तक दी जा सकेगी. दत्तक पुत्र या पुत्री को गैर कानूनी गतिविधि में लगाने संबंधी विभिन्न दंडात्मक प्रावधानों की भी जानकारी दी गयी.

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