हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने किया कोर्ट का निरीक्षण

डुमरा कोर्ट : पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने शुक्रवार की दोपहर स्थानीय सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कोर्ट के सभी कोणों की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई व विधि-व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं न्यायिक कर्मियों को निर्देशित भी करते रहे. सिविल कोर्ट भवन की गहनता से […]

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डुमरा कोर्ट : पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमरेश्वर प्रताप शाही ने शुक्रवार की दोपहर स्थानीय सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में उन्होंने कोर्ट के सभी कोणों की सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई व विधि-व्यवस्था का जायजा लिया. वहीं न्यायिक कर्मियों को निर्देशित भी करते रहे.

सिविल कोर्ट भवन की गहनता से निरीक्षण के उपरांत उन्होंने स्वयं आम लोगों की तरह न्यायिक कार्यवाही का पिछली बेंच पर बैठ कर अवलोकन किया. इस दौरान उनके साथ जिला एवं सत्र न्यायाधीश बजरंगी शरण भी आम लोगों की तरह न्यायालय कक्ष में नजर आये.

इस प्रकार के सरल व स्वाभाविक क्रियाकलाप को शुरुआत में तो मौजूद पक्षकार गण नहीं समझ सके. जब पक्षकारों को जानकारी मिली कि पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश स्वयं आम लोगों की तरह न्यायिक कार्यों का मुआयना कर रहे हैं तो सभी हतप्रभ रहे गये. निरीक्षण के बाद श्री शाही बेलसंड अनुमंडलीय कोर्ट के लिए रवाना हो गये. इस दौरान जिला जज बजरंगी शरण के अलावा डीएम रामचंद्रुडु, एसपी अनिल कुमार, सिविल कोर्ट रजिस्ट्रार सोनेलाल रजक, एडीजे प्रथम वीरेंद्र प्रताप सिंह समेत कई अधिकारी व अधिवक्तागण मौजूद थे.

चयनित भूमि को देख नाराज हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश: पुपरी. स्थानीय अनुमंडल न्यायालय भवन व अधिकारियों की आवास के लिए भवन निर्माण के मद्देनजर पूर्व से चिह्नित भूमि की निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमरेश प्रताप शाही पुपरी पहुंचे. इस दौरान चयनित भूमि को देख कर असंतोष प्रकट किया. उन्होंने कहा कि यह भूमि न्यायालय व आवास के अनुकूल नहीं है. नये सिरे से उपयुक्त भूमि की तलाश करें.

उन्होंने नगर क्षेत्र से डेढ़ किलोमीटर के अंदर जमीन तलाश करने का निर्देश दिया. वैसी भूमि, जहां कोलाहल मुक्त व आने-जाने की सुविधा उपलब्ध हो. कहा कि ऐसी भूमि हीं न्यायालय के लिए उपयुक्त होगी. निरीक्षण के बाद न्यायाधीश श्री शाही अनुमंडल न्यायालय पहुंचे. उन्होंने वहां न्यायधीशों से वर्ष 2000 से पूर्व के दीवानी मुकदमा का निष्पादन शीघ्र करने का निर्देश दिया. उन्होंने डीएम को अनुमंडल व्यवहार

न्यायलय के पदाधिकारियों की आवास के लिए 15 दिन के अंदर भूमि चिह्नित करा प्रस्ताव भेजने को कहा. वहीं, कार्य की अधिकता को देख तत्काल एक अनुमंडल न्यायाधीश की शीघ्र नियुक्ति करने की बात कही. मौके पर जिला सत्र न्यायाधीश बजरंगी शरण, अनुमंडल न्यायाधीश सत्य प्रिया आनंद, मुंसिफ रवि पांडेय, डीएम रामचंद्रुडु, एसपी अनिल कुमार, एसडीओ धनंजय कुमार, डीएसपी संजय कुमार पांडेय, डीसीएलआर राजेश कुमार सिंह, सीओ कृष्ण कुमार सिंह व थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

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