कुव्यवस्था पर भड़के किसान

खरीफ महोत्सव़ आये थे जिले भर के किसान, बैठने के िलए थी 15-20 कुरसीप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 25, 2016 3:11 AM

खरीफ महोत्सव़ आये थे जिले भर के किसान, बैठने के िलए थी 15-20 कुरसी

महोत्सव से कृषि पदाधिकारी भी थे नदारद

कार्यक्रम स्थगित कर नयी तिथि घोषित करने की मांग

परसौनी : स्थानीय जनता उच्च विद्यालय में मंगलवार को खरीफ महोत्सव का आयोजन किया गया़ इसमें सभी पंचायतों के दर्जनों किसानों ने हिस्सा लिया. महोत्सव से कृषि पदाधिकारी के नदारद रहने व कुव्यवस्था को देख किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया.

पूर्व में मूंग, ढैंचा व चना के बीज से वंचित किसान सह प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष शत्रुघ्न मिश्र व पूर्व प्रमुख रजनीकांत यादव यह देख कर अवाक रह गये कि महोत्सव में मात्र 15-20 किसानों के बैठने के लिए कुरसी की व्यवस्था की गयी है.

बहुत से किसानों को खड़ा रह कर कृषि वैज्ञानिकों की बातों व विचारों को सुनना पड़ा. इसी दौरान श्री मिश्र व श्री यादव को जानकारी मिली कि बीएओ त्रिभुवन राम बिना सूचना के गायब हैं. साथ हीं वे कृषि समन्वयक मो मुस्तफा को महोत्सव की जिम्मेदारी देकर जबरन सात हजार रुपया थमा कर नदारद हो गये हैं. यह भी खबर मिली कि महोत्सव के लिए सरकार से 10 हजार रुपये का आवंटन मिला हुआ है.

किसान कृष्णनंदन सिंह, रामबाबू पटेल, सुनील कुमार, राजेश राय, अनिल सिंह व सुनील सिंह समेत अन्य लोगों ने महोत्सव का संचालन कर रहे आत्मा के निदेशक शिव नारायण साहू को बताया कि यहां के किसानों को बीज वितरण की भनक भी नहीं लगने दी जाती है. हर बार बिचौलिया के हाथों बीज बेच दिया जाता है

और वितरण की कागजी कार्रवाई की खानापूर्ति कर ली जाती है. किसानों ने बीइओ के नहीं रहने पर इस महोत्सव को स्थगित कर नयी तिथि की घोषणा की मांग की. श्री साहू ने मामले से डीएओ को अवगत कराया. डीएम से बात करने के आश्वासन के बाद किसान माने. बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि बीएओ एक दिन की छुट्टी पर हैं. मौके पर कृषि वैज्ञानिक डा सच्चिदानंद प्रसाद, समन्वयक हरिभूष्ण कुमार, उपेंद्र कुमार, अशोक कुमार, उदय कुमार, रौशन कुमार व उमेश कुमार समेत अन्य मौजूद थे.

Next Article

Exit mobile version