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रहते हैं गुजरात में, पर नहीं भूले गांव की मिट्टी गुजरात से हर वर्ष छठ में आते हैं गांव

पोखर की कराते हैं साफ-सफाईप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीSpies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग के सदस्यUPS: पुरानी पेंशन बहाली का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 3, 2016 4:53 AM

पोखर की कराते हैं साफ-सफाई

लाइटिंग की व्यवस्था भी करायी जाती है
सुप्पी : टाइल्स के बड़े कारोबारियों में शुमार संतोष कुमार पाठक उर्फ अंटू का वर्षों से अधिकांश समय गुजरात में बीतता है, लेकिन वे अपने गांव की मिट्टी की खुशबू वहां भी महसूस करते हैं. तभी तो गुजरात में रह कर अपनों की चिंता करने के साथ हीं हर वर्ष छठ में गांव चले आते हैं.
स्काई क्रिमिक प्राइवेट लिमिटेड नामक टाइल्स कंपनी के एमडी व प्रखंड के ससौला गांव निवासी श्री पाठक ने बताया कि वर्ष 1995 से छठ में गांव पर हीं रहते हैं. गुजरात में भी छठ पर्व मनाया जाता है, पर अपने बिहार में छठ पर्व का एक अलग माहौल रहता है. वर्ष 2005 में छठ में गुजरात में हीं रह गये थे.
हालांकि दिल गांव पर हीं था. बताया कि यहां उनकी भाभी विमला पाठक व बहन वीणा पाठक छठ करती है. उनकी माने तो पैसे से सुख तो मिल जाता है, पर जो सुख व आनंद गांव में अपनों के बीच रह कर मिलता है, वह कहीं नहीं. इसी कारण समाज के लोगों से मिलने के लिए खास कर छठ में घर पर चले आते हैं.
यहां बता दें कि श्री पाठक द्वारा हीं गांव के ब्रह्म स्थान पर पोखर की साफ-सफाई व लाइटिंग की व्यवस्था करायी जाती है. ग्रामीणों को भी अपने गांव के इस सपूत के खास कर छठ में आने का इंतजार रहता है. श्री पाठक के गांव में पैर रखते हीं खास कर युवाओं में एक अलग जोश पैदा हो जाता है.

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