महिला डॉक्टर ने विभाग के अफसरों की बताई औकात
अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते अस्पताल में किया प्रवेशतीन दिन की एक साथ हाजिरी बना कर स्टाइल में रजिस्टर को फेंकासीवान. हमेशा विवादों में रहने वाली महिला डॉक्टर ने तो गुरुवार को सुबह करीब दस बजे नारेबाजी कर रहे अपने समर्थकों के साथ सदर अस्पताल पहुंच कर अपने अफसरों को उनकी औकात बता की. […]
अपने समर्थकों के साथ नारेबाजी करते अस्पताल में किया प्रवेशतीन दिन की एक साथ हाजिरी बना कर स्टाइल में रजिस्टर को फेंकासीवान. हमेशा विवादों में रहने वाली महिला डॉक्टर ने तो गुरुवार को सुबह करीब दस बजे नारेबाजी कर रहे अपने समर्थकों के साथ सदर अस्पताल पहुंच कर अपने अफसरों को उनकी औकात बता की. जिस तरह महिला डॉक्टर सदर अस्पताल में पहुंची वैसे लग रहा था कि आज सदर अस्पताल में डॉक्टरों का शक्ति प्रदर्शन है. महिला डॉक्टर सबसे पहले बड़ा बाबू के कार्यालय में गयी तथा तीन दिन की हाजिरी एक साथ बनायी. उसके बाद स्टाइल में रजिस्टर को फेंक कर अपने समर्थकों के साथ ओपीडी कक्ष गयी. रास्ते में उनके समर्थक महिला डॉक्टर व उनके डॉक्टर पति के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे. सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एमके आलम भी एक कार्यालय में बैठ कर सब कुछ देख रहे थे. लेकिन उनकी हिम्मत नहीं हुई की महिला डॉक्टर से पूछे की आठ बजे की जगह दस बजे अस्पताल क्यों आयी. सवाल यह है कि अगर सीएस उस महिला डॉक्टर का स्थानांतरण कर देते हैं, तो उसे पनीसमेंट माना जायेगा या रिवार्ड. सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि आज ही छुट्टी से वापस आया हूं. प्रसूता की मौत के मामले की जांच कर रहा हूं. जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.