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छह माह से बंद है अस्पताल

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By Prabhat Khabar Digital Desk | July 11, 2017 5:15 AM

अनदेखी. बदहाल चिकित्सा व्यवस्था से परेशान हैं लोग

त्रिवेणीगंज : बुनियादी सुविधाओं में शुमार स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए सरकार भले ही लाख कोशिश कर ले. लेकिन महेशुआ में संचालित स्वास्थ्य केंद्र विभागीय उदासीनता की पोल खोल रही है. त्रिवेणीगंज मुख्यालय से महज सात किलोमीटर दूरी पर संचालित स्वास्थ्य केंद्र जीर्ण शीर्ण और सुविधाओं की घोर कमी के कारण मरीजों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि महेशुआ पंचायत में संचालित स्वास्थ्य केंद्र गत छह माह से बंद पड़ा है. जबकि इस स्वास्थ्य केंद्र से त्रिवेणीगंज प्रखंड मुख्यालय की दूरी सिर्फ सात किलोमीटर है. ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि अचानक बीमार पड़े रोगियों को स्थानीय स्तर पर किस प्रकार की चिकित्सा सुविधा मिल सकती है.
गौरतलब हो कि महेशुआ पंचायत की आबादी लगभग 14 हजार है. इसके अलावा भी आस -पास के कई गांव के लोग भी स्वास्थ्य केंद्र महेशुआ से जुड़े हैं. ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य केंद्र का बंद रहना हजारों की आबादी की चिकित्सका के साथ क्रूर मजाक है. हालांकि लोगों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र चालू रहने से लोगों को सहजता के साथ स्थानीय स्तर पर सामान्य बीमारियों का उपचार हो जाता था. लेकिन अस्पताल प्रबंधन की कुव्यवस्था के कारण लोगों को छोटे- छोटे बीमारियों की उपचार के लिए या तो अधिक दूरी तय करने पर विवश होना पड़ता है, या फिर ग्रामीण चिकित्सक के सहारे उपचार के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही है. स्थानीय शत्रुध्न यादव, श्रीराम शर्मा, धीरेन्द्र कुमार धीरज, डॉ अशोक कुमार, पप्पू कुमार, राकेश कुमार सहित अन्य लोगों ने जिला पदाधिकारी से मांग किया है कि स्वास्थ्य केंद्र महेशुआ की शीघ्र चालू कराया जाय. ताकि गरीब मरीजों खास कर प्रसव पीड़ित महिलाओ को इसका सीधा लाभ मिल सके. इस बाबत रेफरल प्रभारी ने बताया कि इस दिशा में विभाग काफी गंभीर है.

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