करीब 700 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित
दूर-दराज से आने वाले ग्राहक बैंक शाखा को बंद देख निराश होकर लौटेप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीRajiv Gauba : पटना के सरकारी स्कूल से राजीव गौबा ने की थी पढ़ाई अब बने नीति आयोग के सदस्यUPS: पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा फिर गर्म, यूपीएस के विरोध में क्यों हैं कर्मचारी संगठनSarada Muraleedharan: काला स्किन कलर […]
दूर-दराज से आने वाले ग्राहक बैंक शाखा को बंद देख निराश होकर लौटे
सुपौल : बैंक अधिकारी एवं कर्मियों का गुरुवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रहा. बैंक शाखा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से उपभोक्ताओं को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. दूर-दराज से आने वाले लोग बैंक शाखा को बंद देख कर जहां वापस जाते नजर आये. वहीं अधिकांश एटीएम में भी राशि की कमी बनी रही. गुरुवार को अधिकांश एटीएम में सवेरे ही राशि खत्म हो गयी थी. जिसके चलते एटीएम भी सूना-सूना नजर आया.
ज्ञात हो कि एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल के दूसरे दिन अधिकारी व कर्मियों ने बैनर लेकर प्रदर्शन किया. संगठन के क्षेत्रीय सचिव भूपेंद्र कुमार का कहना था कि दो दिन बैंक बंद होने के कारण लगभग 700 करोड़ का व्यापार जिले भर में प्रभावित हुई है. इस दौरान हड़ताल में शामिल बैंक कर्मचारियों ने बताया कि कार्यों के दबाव, स्टॉफ की कमी, वर्किंग आवर में बैंक प्रबंधन का अमानवीय दबाव, वेतन और पेंशन में समुचित सुधार को लेकर बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले हड़ताल के जरिये विरोध जताया गया. इस मौके पर भूपेंद्र कुमार, राधाकृष्ण मिश्रा, कुलानंद झा, अनिल कुमार, अरविंद कुमार, उदय प्रसाद सिंह, कामेश्वर लाल दास, कृपानंद झा, मनोज कुमार काजी, सुशील कुमार, अवधेश, शुभम चंद्र लाल, संतोष भानु, विभाष कुमार, मुकेश कुमार, फकीरा साह, प्रेम प्रकाश, कन्हैया शर्मा, सुशील कुमार चौधरी, मनोज कुमार राउत आदि मौजूद थे.
पैसे के लिए उपभोक्ता भटक रहे थे इधर से उधर
बैंक कर्मियों के हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रहने से इसका व्यापक प्रभाव बाजार में देखने को मिला. गुरुवार को पैसे के लिये उपभोक्ता इधर-उधर भटकते रहे. हालांकि हड़ताल की सूचना लोगों को पूर्व में ही थी. बावजूद इसके जो लोग इस सूचना से वाकिफ नहीं थे. वे बैंक पहुंचे और उन्हें निराशा ही हाथ लगी. वहीं बैंक बंद होने के कारण लोग जल्दी-जल्दी में एटीएम की ओर रुख किया. लेकिन ज्यादातर एटीएम का शटर डाउन रहा और गार्ड ही सिर्फ नजर आये. वैसे तसल्ली लिये लोग एटीएम के अंदर तो पहुंचे लेकिन पैसे की निकासी नहीं हो सकी. दो दिन से बैंक के हड़ताल की वजह से लोगों को जरूरत वाला कार्य नहीं हो पाया. जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ गयी है. वहीं लोग बैंक के हड़ताल समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं.