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देसरी में 111 वर्षों से बंगाली पद्धति से होती है दुर्गापूजा

देसरी : स्थानीय देसरी बाजार के पुराना थाना भवन के समीप विगत 111 वर्षों से बंगाली पद्धति से दुर्गा पूजा होते हुए आ रही है. इस मंदिर में हो रही पूजा का मुख्य आकर्षण का केंद्र बंगला मूर्ति है, जो बंगाल के मशहूर मूर्तिकार लक्ष्मी नारायण रौक्षित एवं भूतनाथ रौक्षित के द्वारा बनाया जाता है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 11, 2017 9:23 AM
देसरी : स्थानीय देसरी बाजार के पुराना थाना भवन के समीप विगत 111 वर्षों से बंगाली पद्धति से दुर्गा पूजा होते हुए आ रही है. इस मंदिर में हो रही पूजा का मुख्य आकर्षण का केंद्र बंगला मूर्ति है, जो बंगाल के मशहूर मूर्तिकार लक्ष्मी नारायण रौक्षित एवं भूतनाथ रौक्षित के द्वारा बनाया जाता है.
पहले इनके पूर्वज मूर्ति का निर्माण करने बंगाल से यहां आते थे. पूजा समिति के अध्यक्ष शिवनाथ गुप्ता, उपाध्यक्ष धीरज कुमार जायसवाल ने बताया कि देसरी प्रखंड एवं आसपास के क्षेत्रों में पहले एक मात्र यही दुर्गा पूजा होती थी.
बाद में अन्य जगहों पर शुरू हुई है. पूजा को लेकर जो मूर्ति बनायी जाती है, वह जब से शुरुआत हुई है, तब से आज तक एक ही बंगाली परिवार के सदस्य मूर्ति का निर्माण करते हैं. पूजा की तैयारी को लेकर एक बैठक आयोजित की गयी. बैठक में सदस्यों ने मंदिर के सामने लापरवाही से की कई विद्युतीकरण के खिलाफ आवाज उठायी. सदस्यों ने कहा कि मंदिर के उत्तर दिशा में लगे पोल काफी कम ऊंचाई के लगा दिया है, जो मंदिर में सट रही है. वहीं मंदिर के दक्षिण में लगे पोल पर कम दूरी पर ग्यारह हजार वोल्ट के तीनों फेज को आपस में लगा दिया है,
पूजा की सफलता को लेकर कमेटी गठित
महुआ. महुआ-देसरी मार्ग के हरपुर चौक पर आयोजित की जानेवाली नवदुर्गा पूजा समिति की सफलता को लेकर ग्रामीणों की एक बैठक मंदिर परिसर में आयोजित की गयी, जिसमें दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण वातावरण में धूम-धाम से मनाने का निर्णय लिया गया.
बैठक में कमेटी का विस्तार भी किया गया, जिसमें उपस्थित लोगों ने एक बार फिर सुजीत झा को अध्यक्ष, सतीश महतो को सचिव तथा अनिल चौधरी को कोषाध्यक्ष चुन लिया. जबकि सूरज चौधरी, चंद्रिका झा, जय मंगल राय को संरक्षक तो रेखा कुमारी, देव कुमार चौधरी, बालेश्वर साह, राजू राय, जितेंद्र झा, जगदेव राम को सदस्य
बनाया गया है.

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