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हत्या करने के बाद चार सौ मीटर पैदल गये हत्यारे

हाजीपुर : हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-77 पर गोरौल थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव के समीप बुधवार की देर रात हुंडई शोरूम के कर्मचारी को गोली मारकर हत्या की घटना की गुत्थी में उलझी वैशाली पुलिस अभी उबर भी नहीं पायी थी कि राघोपुर के मोहनपुर रेफरल अस्पताल के समीप स्थित अपनी दुकान में सो रहे एक दुकानदार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 1, 2017 6:45 AM

हाजीपुर : हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-77 पर गोरौल थाना क्षेत्र के महमदपुर गांव के समीप बुधवार की देर रात हुंडई शोरूम के कर्मचारी को गोली मारकर हत्या की घटना की गुत्थी में उलझी वैशाली पुलिस अभी उबर भी नहीं पायी थी कि राघोपुर के मोहनपुर रेफरल अस्पताल के समीप स्थित अपनी दुकान में सो रहे एक दुकानदार की गला रेतकर हत्या कर दी गयी.

राघोपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी वालेश्वर राय (60) की हत्या किसने और क्यों की यह पता नहीं चल पाया. घटनास्थल पर कितने अपराधी पहुंचे थे और घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी किस दिशा की ओर भागे, यह पुलिस के लिए एक पहेली बनकर रह गया है. हालांकि पटना से बुलायी गयी डॉग स्क्वायड टीम ने प्रारंभिक जांच में इस बात का खुलासा किया कि दुकानदार की हत्या करने के बाद अपराधी वहां से चार सौ मीटर तक पैदल गये थे और फिर किसी वाहन पर सवार होकर निकल भागे. टीम ने राघोपुर पुलिस को यह जानकारी दी कि दुकान के अंदर पड़े शव के समीप से डॉग चार सौ मीटर दूरी स्थित एक निश्चित स्थान तक जाने के बाद लौट जाता है. यह इस बात का संकेत देता है कि हत्यारे उक्त स्थान तक पैदल चलकर गये थे. इसके बाद किसी वाहन पर सवार होकर निकल भागे.

जानकारी के अनुसार घटना स्थल पर पहुंची राघोपुर पुलिस लोगों को समझा-बुझाकर पहले शव को अपने कब्जे में पहले लेने का प्रयास किया. परिजनों एवं ग्रामीणों के तेवर देख और मौके की नजाकत को भांपते हुए पुलिस वहां से खिसक गयी. इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गुस्साये ग्रामीणों से बातचीत की और अपराधियों की पहचान करने के लिए पुलिस को अनुसंधान करने के लिए राजी कराया. इसके बावजूद ग्रामीण डॉग स्क्वायड की टीम बुलाने और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. राघोपुर पुलिस ने इसकी सूचना एसपी राकेश कुमार को दी. एसपी के निदेश पर पटना से डॉग स्क्वायड की टीम मोहनपुर रेफरल अस्पताल स्थित घटनास्थल पर पहुंची. लगभग 400 मीटर दौड़ लगाने के बाद खोजी कुत्ता घटनास्थल से उत्तर दिशा में मोहनपुर की तरफ जाकर रुक गया. कई बार प्रयास किया गया, लेकिन खोजी कुत्ता प्रत्येक बार एक निश्चित स्थान पर जाकर रुक जाता था. इसके बाद टीम इस नतीजे पर पहुंचा और आशंका जतायी कि हत्यारे घटना को अंजाम देने के बाद उक्त स्थल तक पैदल चलकर आये थे और इसके बाद किसी वाहन पर सवार होकर यहां से निकल गये.

`वालेश्वर राय ने मोहनपुर रेफरल अस्पताल के समीप बीते कई वर्षों से किराना की एक दुकान खोल रखी थी. उसकी दुकान से आसपास के लोग खुदरा सामान की खरीदारी करते थे. वह जगदीशपुर गांव स्थित घर से खाना-खाने के बाद रात में रोज दुकान में आकर ही सो जाता था. बुधवार की रात भी वह दुकान में सोया हुआ था. इसी दौरान उसकी गला रेतकर हत्या कर दी गयी. सुबह में जब वालेश्वर अपने घर पर नहीं पहुंचा तब उसका बेटा अमित खोजबीन करते हुए दुकान पर पहुंचा. दुकान के अंदर पिता का शव देखते ही वह चीत्कार मार रोने लगा. कानों-कान हत्या की खबर आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गयी और देखते ही देखते मोहनपुर रेफरल अस्पताल के समीप सैकड़ों लोगों का जमावड़ा लग गया.

पटना से बुलाये गये खोजी कुत्ते से भी नहीं मिला कोई सुराग

दुकानदार की हत्या पुलिस के लिए बन गयी एक पहेली

बोले पुलिस पदाधिकारी

मोहनपुर रेफरल अस्पताल में पास स्थित एक दुकानदार की गला रेतकर हत्या कर दी गयी है. परिजनों की मांग पर पटना से डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया, लेकिन कुछ दूरी तक जाने के बाद खोजी कुत्ता रुक जा रहा था. हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है. मृतक के पुत्र अमित कुमार के बयान पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. शव को पोस्टमार्टम के लिये हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा गया है. पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रही है.

रूपेश कुमार सिन्हा, थानाध्यक्ष, राघोपुर

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