हाजीपुर : इंटर टॉपर घोटाले में एसआइटी की छापेमारी के दौरान टीम के सामने से विशुन राय कॉलेज के प्राचार्य बच्चा राय और संचालक राजदेव राय के चकमा देकर फरार हो जाने के मामले में पटना के एक इंस्पेक्टर पर गाज गिर सकती है. ऐसा यहां पुलिस के विश्वस्त सूत्रों ने जानकारी दी है. मालूम हो कि घोटाले को लेकर पटना कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज किये जाने के बाद एसआइटी की छापेमारी के दौरान प्राचार्य डॉ अमित कुमार उर्फ बच्चा राय तथा उसके पिता और कॉलेज के संचालक राजदेव राय कॉलेज परिसर में ही मौजूद थे.
बताया गया है कि इसी दौरान दोनों टीम के नेतृत्वकर्ता डीएसपी शिबली नोमानी को चकमा देकर फरार होने में सफल हो गये. सूत्रों ने बताया कि इस घटना के बाद डीएसपी की शिकायत पर तिरहुत रेंज के डीआइजी असगर इमाम खां और एसपी राकेश कुमार की उसी रात में जांच के बाद कुछ संकेत सामने आ गये थे. पुन: गुरुवार को आइजी, मुजफ्फरपुर सुनील कुमार ने स्वयं भगवानपुर पहुंच कर इसकी जांच की थी.
जांच कर लौटते समय आइजी ने मीडियाकर्मियों को बताया था कि यह पुष्टि हो गयी है कि एसआइटी छापेमारी के दौरान प्राचार्य और संचालक दोनों कॉलेज में मौजूद थे. दोनों ने टीम को कागजात उपलब्ध कराने और जानकारी देने का काम भी किया, लेकिन इसी क्रम में दोनों टीम को चकमा देकर फरार होने में सफल हो गये. आइजी ने बताया कि इस मामले में कई बिंदुओं पर जांच के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी.
इस बीच शुक्रवार को सूत्रों ने बताया कि मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने के बाद इस मामले का खुलासा हो गया है और दोनों को भागने के लिए संकेत करनेवाले पटना के एक पुलिस इंस्पेक्टर पर गाज गिर सकती है
सूत्रों ने बताया कि आइजी ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है. मालूम हो कि एसआइटी ने पहले यहां तैनात गोरौल और भगवानपुर थानाध्यक्षों पर शंका जाहिर की थी. लेकिन जांच में मोबाइल से बातचीत करने की जानकारी एसआइटी के साथ कॉलेज पहुंचे एक इंस्पेक्टर से ही मिली है. ऐसे में माना जा रहा है कि इसमें इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है. दूसरी ओर, एसआइटी की छापेमारी के दौरान गत देर रात बच्चा राय के बहनोई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की खबर है.