खुले आसमान तले पढ़ते हैं बच्चे

तीन वर्षों से विद्यालय भवन अधूरा, राजकीय मध्य विद्यालय, भटौलिया में कमरे का अभाव करीब चार सौ छात्र-छात्राएं हैं विद्यालय में नामांकित मौसम खराब होने पर स्कूल नहीं आते बच्चे देसरी : बिहार सरकार सर्व शिक्षा अभियान चला कर सभी विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है. पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

तीन वर्षों से विद्यालय भवन अधूरा, राजकीय मध्य विद्यालय, भटौलिया में कमरे का अभाव

करीब चार सौ छात्र-छात्राएं हैं विद्यालय में नामांकित
मौसम खराब होने पर स्कूल नहीं आते बच्चे
देसरी : बिहार सरकार सर्व शिक्षा अभियान चला कर सभी विद्यालयों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए करोड़ों रुपया खर्च कर रही है. पर विद्यालय में बच्चों को पढ़ने के लिए कमरा नसीब नहीं हो तो शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे. देसरी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय भटौलिया में बच्चे खुले आसमान के नीचे जमीन पर बैठ कर पढ़ने को विवश है. विद्यालय में वर्ग एक से आठ तक है पर वर्ग कक्ष एक भी नहीं है.
करीब चार सौ बच्चे हैं नामांकित : विद्यालय में छात्र 227 छात्राएं 185 नामांकित हैं, जो यहां पढ़ाई करने आते हैं. विद्यालय में पांच शिक्षक और दो शिक्षिका कार्यरत हैं. बच्चे से लेकर सयाने तक सभी एक साथ खुले आसमानों के नीचे पेड़ की छांव में पढ़ते हैं. जब भी मौसम खराब रहता है तो बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं. और जब विद्यालय आते भी है. तो अगर दो चार बुंद पानी आसमान से टपकती है, तो सीधे बच्चे के शरीर एवं किताबों पर पड़ता है. इस कारण बच्चे भागने लगते है. खुले आसमानों के नीचे पढ़ने के कारण बच्चे का ध्यान हमेशा इधर-उधर देखने में लगा रहता है, जिससे वह पढ़ने तो आते हैं, पर बिना कुछ पढ़े घर वापस चले जाते हैं.
वर्ष 2013 में बना कमरा अब भी अधूरा : विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामनाथ राय ने बताया कि वर्ग कक्षा के लिए दो कमरे हैं. मगर, उसमें बच्चे को बैठाने लायक नहीं है. उसकी छत कभी गिर सकती है. एक कमरा में कार्यालय चलता है. वहीं विद्यालय में आठ कक्ष कई वर्षों से निर्माणाधीन है. विद्यालय में वित्तीय वर्ष 2011-12 के लगभग 32 लाख रुपये की लागत से वर्ष 2013 में आठ कमरा चार नीचे और चार ऊपर का निर्माण शुरू हुआ पर निर्माण कार्य जमीन से उठ कर छज्जी तक ही जाकर ठप हो गया. इसके बाद तीन वर्षों से वर्ग कक्ष का निर्माण ठप पड़ा हुआ है. निर्माणाधीन कमरा में जंगल उग गये हैं. बच्चे शिक्षक-शिक्षिकाए कमरा नहीं रहने के कारण परेशान हैं. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उर्मिला कुमारी ने कहा कि ग्रामीण राजनीति के कारण विद्यालय के कमरा निर्माण बाधित है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >