पटना. वायरल की तरह दिख रहे रहस्यमय बुखार अब बच्चों के अंगों को अपने शिकंजे में ले रहा है. उनके दिल, लिवर फेफड़े और किडनी जैसे अंग प्रभावित हो रहे हैं. उनमें मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम जैसे लक्षण मिल रहे हैं. खास बात यह है कि इन बच्चों की जब कोविड की जांच की जाती है तो रिपोर्ट निगेटिव आ रही है.
लक्षण से पहली नजर में यह वायरल फीवर ही लग रहा है, लेकिन सामान्य वायरल की तुलना में यह बुखार दोगुने समय तक बने रहने के कारण मरीजों के साथ डॉक्टरों की चिंता बढ़ गयी है. पटना जिले में वायरल का प्रकोप बढ़ता जा रहा है.
शहर के पीएमसीएच, आइजीआइएमएस, एम्स सहित अन्य सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में बच्चों के वार्ड में बेड फुल हो रहे हैं. ओपीडी में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पीएमसीएच की ओपीडी में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं.
पीएमसीएच शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एके जायसवाल के मुताबिक ओपीडी में आने वाले मरीजों में 50 प्रतिशत बच्चे बुखार से पीड़ित हैं. कुछ बच्चों की हालत गंभीर हो रही है. उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है.
कुछ बच्चों के फेफड़े, लंग्स पर भी असर देखने को मिला है. आइजीआइएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने बताया कि एक भी बच्चे में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है. यह एक तरह से वायरल ही है. हालांकि बच्चों में बुखार 104 फारेनाइट तक पहुंच रहा है.
नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शिशु रोग विभाग में 84 बेड वाले वार्ड में 76 मरीज को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है. अस्पताल के अधीक्षक डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सात बच्चों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है. उपाधीक्षक डॉ सरोज कुमार ने बताया कि निमोनिया पीड़ित 18 बच्चों में विभाग के पिकू, निकू व सेंट्रल इमरजेंसी में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है.
Posted by Ashish Jha