NDA Meeting News: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार को कहा कि भाजपा नेतृत्व द्वारा “उनकी कुछ वास्तविक चिंताओं” को संबोधित किए जाने के बाद उनकी पार्टी औपचारिक रूप से एनडीए गठबंधन में शामिल हो गई है. चिराग पासवान ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि एनडीए 2024 के संसदीय चुनावों में बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटें जीतेगा.
हालांकि, एलजेपी (रामविलास) नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ उनकी मुलाकात के दौरान क्या बातचीत हुई, इसका ब्योरा नहीं दिया, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि “उनकी पार्टी की सभी चिंताओं को उन्होंने सकारात्मक रूप से संबोधित किया है”.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी हाजीपुर से चुनाव लड़ेगी, इस लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व वर्तमान में उनके चाचा और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस कर रहे हैं. अपनी पार्टी के एनडीए में वापस आने के फैसले की पृष्ठभूमि बताते हुए, चिराग ने कहा कि उनके लिए उस गठबंधन को जारी रखना संभव नहीं था जिसमें अन्य विपक्षी पार्टियां शामिल थी.
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आगे उन्होंने कहा कि इसलिए, “हम 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में अकेले उतरे और पूरी कोशिश की, जिसमें हम काफी सफल रहे. बताएं आपको कि लोक जनशक्ति पार्टी के एनडीए में आने की औपचारिक घोषणा करते हुए चिराग पासवान ने एक बार फिर स्वयं को नरेन्द्र मोदी के हनुमान के तौर पर प्रस्तुत किया. चिराग ने कहा कि पिछली बार एक सीट बिहार में नहीं जीते थे, इस बार सभी 40 की चालीस सीटें जीतने का लक्ष्य है.
भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी उनके साथ विवाद के बीच बिहार में हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेगी. चाचा पशुपति कुमार पारस भी इस सीट से दावेदारी कर रहे हैं.
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एनडीए गठबंधन में शामिल होने के बाद इंडिया टुडे से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में चिराग पासवान ने कहा, ”मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि एलजेपी (रामविलास) हाजीपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेगी. हाजीपुर सीट महत्वपूर्ण है क्योंकि चिराग पासवान के पिता राम विलास पासवान 2014 और 2019 तक इस निर्वाचन क्षेत्र से सांसद थे. वह केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री भी थे, जिनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक विभाग था.
इसके बाद, पशुपति कुमार पारस 2019 में हाजीपुर के सांसद बने. उनके निधन के तुरंत बाद दिवंगत राम विलास पासवान की एलजेपी से अलग होने के बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया. चिराग पासवान ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ मंत्रालयों को लेकर कोई डील नहीं हुई है.
हाजीपुर सीट को लेकर केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आरोपों का जवाब देते हुए, जमुई से सांसद चिराग पासवान ने कहा कि उनके चाचा ने जो कहा, उसके बारे में उन्हें बुरा नहीं लगा और उन्होंने कहा कि उनके मन में उनके लिए बेहद सम्मान है. उन्होंने कहा, “वह मुझसे बड़े हैं. वह मेरे चाचा हैं और उन्हें आलोचना करने का पूरा अधिकार है. मैं उन्हें ऐसे लहजे में जवाब नहीं दूंगा. मेरी परवरिश में मुझे इस बारे में नहीं सिखाया गया.
केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की अटकलों को खारिज करते हुए, चिराग पासवान ने कहा कि मंत्री पद रखना उनके लिए प्राथमिकता नहीं है और यह एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, “मैंने अपने पिता को कैबिनेट मंत्री बनते देखा. यह एक बड़ी जिम्मेदारी है. मेरे लिए मंत्री पद रखना मेरी प्राथमिकता नहीं है. मुझे खुशी है कि भाजपा ने मेरे पिता को यह सम्मान दिया. यह पूछे जाने पर कि उनकी पार्टी बिहार में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जूनियर पासवान ने कहा कि इसकी घोषणा उचित समय पर की जाएगी.