पहचान बनाने की राह पर कबड्डी की युवा प्रतिभा अफसाना
बोकारो में कई ऐसे खिलाड़ी है जो अपने प्रदर्शन के आधार पर जिला व झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं. इसी को ले प्रभात खबर ने एक शृंखला शुरू की है. इसमें उन खिलाड़ियों से रूबरू कराया जायेगा जो खेल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं. इसी सिलसिले की […]
बोकारो में कई ऐसे खिलाड़ी है जो अपने प्रदर्शन के आधार पर जिला व झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं. इसी को ले प्रभात खबर ने एक शृंखला शुरू की है. इसमें उन खिलाड़ियों से रूबरू कराया जायेगा जो खेल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं. इसी सिलसिले की पहली कड़ी में कबड्डी की युवा प्रतिभा अफसाना परवीन से पाठकों को रूबरू कराया जा रहा है.
बोकारो: बोकारो जिले की बी आइ वी सेक्टर नाइन सी स्कूल की 10वीं क्लास की छात्रा कबड्डी खिलाड़ी अफसाना परवीन आज किसी परिचय की मोहताज नहीं है. विगत पांच वर्षों में अफसाना ने स्कूली स्तर, जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई सफलताएं अर्जित कर जिले व राज्य को गौरवांवित किया है.
अफसाना ने अपने खेल की शुरुआत एक कराटे खिलाड़ी के रूप में की. परंतु वर्ष 2012 में सेक्टर-9 स्थित पुस्तकालय मैदान में कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग झारखंड सरकार व जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ग्रीष्मकालीन कबड्डी प्रशिक्षण शिविर में पहली बार भाग लिया. शिविर में उनका झुकाव कबड्डी की तरफ हुआ.
उसके बाद अफसाना ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा व सफलताओं की सीढ़ी चढ़ने लगी. वर्ष 2016 में बोकारो में आयोजित सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में अपनी शानदार प्रदर्शन की बदौलत झारखंड को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. वर्ष 2016 में बोकारो के उपायुक्त राय मिहमापत रे ने अफसाना को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया. अफसाना परवीन अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी मनोज शर्मा को देती हैं. अफसाना की इस प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि आने वाले दिनों में वह जल्द ही भारतीय टीम में अपना स्थान सुरिक्षत करने में सफल रहेंगी.