बोकारो: बैंक व बीएसएनएल का मजबूत संबंध है. डिजिटल युग में बैंक का हर काम इंटरनेट के जरिये होता है. इंटरनेट के सहारे बस क्लिक से बोकारो से पैसा देश के किसी कोने में ट्रांसफर किया जा सकता है. बोकारो के सभी बैंक बीएसएनएल के ब्रॉडबैंड जरिये संचालित होते हैं. लेकिन, समय के साथ यह संबंध कुंद पड़ता जा रहा है. कारण बन रही है बीएसएनएल की खराब सर्विस. महीना में औसतन चार दिन बैंक को खराब सर्विस का खामियाजा उठाना पड़ता है. कभी-कभी कुछ घंटा, तो कभी आधा पहर काम ठप रहता है.
खराब सर्विस के कारण कई बैंक बीएसएनएल से दूरी बनाने पर विचार कर रहे हैं. वहीं कई बैंक विकल्प के साथ काम कर रहे हैं. जहां पंजाब नेशनल बैंक बीएसएनएल के साथ आइडिया सेल्यूलर की सर्विस का इस्तेमाल कर रहा है, वहीं इलाहाबाद बैंक बीएसएनएल के अल्टरनेट एलएलपीएच सर्विस का इस्तेमाल कर रहा है. समय के साथ-साथ इसमें विभिन्न प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल होता है. ऐसी ही सर्विस बैंक ऑफ बड़ौदा भी इस्तेमाल कर रहा है. हालांकि बैंक के कॉरपोरेट ऑफिस इस तरह के फैसले लेता है. वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एयरटेल व वोडाफोन की सर्विस का इस्तेमाल विपरीत परिस्थिति के लिए करती है.
बोकारो क्षेत्र में 5346 ब्रॉडबैंड कनेक्शन
भले की खराब सर्विस के कारण बैंक बीएसएनएल का विकल्प ढूंढ़ रही है. लेकिन, एक सच्चाई यह है कि बोकारो क्षेत्र में ब्रॉडबैंड के 5346 यूजर्स हैं. इतना ही नहीं मार्च 2017 के बाद यूजर्स की संख्या में 118 से अधिक की वृद्धि भी हुई है. हालांकि इस दौरान कई लोगों से ब्रॉडबैंड कनेक्शन से रिश्ता भी तोड़ा भी है.
एक दिन में होता है करोड़ों का ट्रांजेक्शन प्रभावित
चास-बोकारो में विभिन्न बैंक के 57 शाखा हैं. एक दिन की लिंक की गड़बड़ी से करोड़ों का ट्रांजेक्शन प्रभावित होता है. बैंक अधिकारियों की माने तो एक दिन लिंक की समस्या के कारण औसतन 20 लाख का कैश ट्रांजेक्शन व चेक क्लीयरेंस का काम रुकता है. इस हिसाब से 1140 लाख रुपया का काम अगले दिन के लिए टालना पड़ता है. इसी से बचने के लिए विभिन्न बैंक बीएसएनएल का विकल्प या तो तलाश रहे हैं, या विकल्प के साथ इस्तेमाल कर रहे हैं.
सिर्फ छह घंटा में सेवा शुरू : पिछले दिनों सेक्टर चार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा में अगलगी की घटना हुई थी. सेक्टर 04 शाखा की भवन पूरी तरह जल गया था. लेकिन, बैंक को अगले दिन से ही ग्राहकों को सेवा देनी थी. इसके लिए इंटरनेट व्यवस्था का होना बहुत जरूरी थी. बीएसएनएल से संपर्क किया गया. बीएसएनएल की टीम ने मात्र छह घंटा में इंटरनेट की सुविधा पूर्ववत कर दिया.
बैंक अधिकारियों ने कहा
लिंक फेल है या कोई अन्य समस्या ग्राहकों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. ग्राहकों को ससमय काम होना चाहिए. सिर्फ एक सर्विस प्रोवाइडर के सहारे यह आसान नहीं है. इस कारण बीएसएनएल की विकल्प सेवा का इस्तेमाल करना पड़ता है.
गायत्री देवी, मुख्य प्रबंधक- भारतीय स्टेट बैंक-04
अप्रैल 2017 से आइडिया सेल्यूलर की सर्विस का इस्तेमाल किया जा रहा है. बीएसएनएल ब्रॉडबैंड की सर्विस खराब होने की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जाता है. ग्राहकों को बेस्ट सर्विस देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनायी गयी है.
वैराग्यी कन्हर, मुख्य प्रबंधक- पीएनबी, बोकारो सर्किल
