बोकारो: फैमिली काउंसिलिंग सेंटर-वाइएमसीए बोकारो में पिछले पांच माह में 72 मामले दर्ज किये गये. इनमें से 42 मामलों का समाधान किया गया. इससे 633 लोग लाभान्वित हुए. इनमें नये व पुराने मामले शामिल हैं. सेंटर में सबसे अधिक 25 मामले पति-पत्नी में मतभेद व माता-पिता के हस्तक्षेप से संबंधित थे. इन पांच माह में नशा व मद्यपान से संबंधित एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ. दहेज प्रताड़ना व घरेलू हिंंसा के 10-10 मामले आये. एक से अधिक वैवाहिक रिश्ते से संबंधित आठ और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से संबंधित छह मामले सेंटर पहुंचे.
सेंटर सब-कमेटी के अध्यक्ष विजश्री सीएच मधई ने मंगलवार को बताया कि भारत सरकार के महिला व बाल-विकास मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड-भारत सरकार की ओर से सेंटर सेक्टर 4 सी/क्वार्टर नंबर 2117 में संचालित फैमिली काउंसिलिंग सेंटर उत्पीड़ित महिलाओं, पुरुषों व बच्चों को सुरक्षा और न्याय दिला रहा है.
सेंटर में नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करायी जाती है. पारिवारिक व वैवाहिक विवादों का निपटारा काउंसेलर डॉ. उदय कुमार व एलीन बीना लकड़ा करती हैं. सेंटर सरकारी अवकाश व रविवार को छोड़ कर सुबह 10 से शाम पांच बजे तक खुला रहता है. सेंटर में सौहार्दपूर्ण व सम्मानजनक ढंग से मामलों को निपटाया जाता है. सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाता है. पारिवारिक व वैवाहिक विवाद को निपटाने में संतपॉल हेल्थवेज की प्रभारी डॉ. नर्गिस पॉल, बीजीएच से अवकाश प्राप्त मनोचिकित्सक डॉ. टी सुधीर, सिविल कोर्ट-बोकारो के अधिवक्ता आरेंद्र कुमार आदि का सहयोग समय-समय पर लिया जाता है. जरूरत पड़ने पर पुलिस व प्रशासन का भी सहयोग लिया जाता है. सेंटर के प्रयास के हजारों परिवार टूटने से बचा है.