दो मेगावाट सौर ऊर्जा का होगा उत्पादन
गुड न्यूज l39 बिल्डिंग पर सोलर पावर प्लांट लगायेगा बीपीएससीएल... सर्वे का काम अंतिम चरण में 2018 से शुरू होगा उत्पादन बोकारो : वर्ष 2018 में बोकारो में सोलर पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन होगा. मतलब गैर पारंपरिक दो मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. ग्रीन एनर्जी की दिशा में सेल व डीवीसी की संयुक्त […]
गुड न्यूज l39 बिल्डिंग पर सोलर पावर प्लांट लगायेगा बीपीएससीएल
सर्वे का काम अंतिम चरण में
2018 से शुरू होगा उत्पादन
बोकारो : वर्ष 2018 में बोकारो में सोलर पावर प्लांट से बिजली का उत्पादन होगा. मतलब गैर पारंपरिक दो मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. ग्रीन एनर्जी की दिशा में सेल व डीवीसी की संयुक्त उद्यम बोकारो पावर सप्लाई कंपनी (बीपीएससीएल) ने पहल कर दी है. इस दिशा में काम भी शुरू हो गया है. सर्वे का काम अंतिम चरण में है. प्रथम चरण में बीपीएससीएल बोकारो जेनरल हॉस्पिटल, प्रशासनिक भवन, बोकारो निवास, ईडी वर्क्स बिल्डिंग, पीपीसी बिल्डिंग, एचआरडी बिल्डिंग सहित बीएसएल की विभिन्न 39 इमारतों पर लगभग 8.7 करोड रु पये की लागत से दो मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा इकाई स्थापित करेगी.
दो मेगावाट प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद बीपीएससीएल लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से 20 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित करेगा. बीएसएल ने इसके लिए शहर के निकट जमीन भी उपलब्ध करा दी है. इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी मेकन को परियोजना सलाहकार नियुक्त किया गया है. सौर ऊर्जा संयंत्र मेकन की देखरेख में पूरा किया जायेगा. इसके भी 2018 के अंत तक पूरा होने की संभावना है.
बीएसएल के लिए कैप्टिव
स्टीम व बिजली की आपूर्ति
बोकारो पावर सप्लाई कंपनी सेल व डीवीसी की संयुक्त उद्यम है. यह कंपनी फिलहाल बोकारो में 338 मेगावाट की क्षमता वाले ताप विद्युत संयंत्र का संचालन करती है. कंपनी बीएसएल के लिए कैप्टिव स्टीम व बिजली की आवश्यकताओं को पूरा करती है. फिलहाल, वर्तमान में बोकारो जिले में 05 विद्युत संयंत्र हैं. इन संयंत्रों से औसतन 2000 मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है.
पांच विद्युत संयंत्र से औसतन
2000 मेगावाट उत्पादन
बीपीएससीएल की उत्पादन क्षमता 400 मेगावाट है. इसी प्रकार डीवीसी का बीटीपीएस व सीटीपीएस से लगभग एक हजार मेगावाट, झारखंड सरकार के उद्यम टीटीपीएस से लगभग 500 मेगावट बिजली का उत्पादन होता है. सीसीएल व इलेक्ट्रोस्टील भी अपनी जरूरत के अनुसार अपने संयंत्रों से बिजली उत्पादन कर रही है. ऐसे में बीपीएससीएल की सोलर पावर प्लांट योजना एक सार्थक पहल है.
