भामसं बोकारो ने बजट को पूंजीपति परस्त बताया
बोकारो : पूंजीपतियों की पॉकेट की सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली. राज्य की रघुवर सरकार अब तक की सबसे बड़ी मजदूर विरोधी सरकार है. वहीं केंद्र सरकार का बजट मजदूर विरोधी व कॉरपोरेट परस्त है. यह बात भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) झारखंड प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष एसके वर्मा ने कहा. शुक्रवार को बीएमएस बोकारो ने राज्य व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया. श्री वर्मा बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे.
श्री वर्मा ने कहा : रघुवर सरकार प्रचार तंत्र के सहारे चेहरा चमकाने का काम कर रही है. इस काम में सरकार करोड़ों रुपया बर्बाद कर रही है, जबकि अस्थायी व संविदा कर्मियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी वंचित किया जा रहा है. कहा : सरकार के श्रम विभाग को लकवा मार दिया है. कई महीनों से विभाग का पूर्णकालिक श्रम सचिव, मुख्य श्रमायुक्त, उप श्रमायुक्त का पद खाली पड़ा है. श्रम समितियां भी निष्क्रिय पड़ी हुई है. सरकार को समय रहते इस पर ध्यान देने की जरूरत है.
12 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय के पास धरना
श्री वर्मा ने कहा : सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का संघ विरोध करेगा. 12 मार्च को मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने धरना दिया जायेगा. प्रदर्शन के जरिये निम्न वेतनभोगी आंगनबाड़ी, आशा कर्मी, मिड डे मिल रसोइया, ठेका मजदूर, पारा शिक्षक व अन्य सरकारी संविदा कर्मियों का शोषण बंद करने के लिए डीसी कार्यालय को मांग पत्र सौंपा गया.
जिला मंत्री संजय कुमार, बृजबिहारी शर्मा, घूरण प्रसाद, यूएन उपाध्याय व अरुण कुमार सिंह ने भी संबोधित किया. जिलाध्यक्ष संत सिंह, ठेकेदार मजदूर संघ के महामंत्री एके रवि, लोडिंग-अनलोडिंग के अध्यक्ष भरत सिंह, कृष्णा राय, विनय कुमार पाठक, अनुग्रह नारायण सिंह, राजकुमार ठाकुर, रवींद्र कुमार मिश्रा, राजेश पासवान, मंगल सेठी, कुंज बिहारी प्रसाद, नलीन रंजन तिवारी, रामसाई भारद्वाज, शेखर कुमार, वीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, पवन कुमार, प्रदीप कुमार, बिनोद कुमार सिंह समेत कई मौजूद थे.
