सहपाठियों के साथ पिता का शव लेकर समाहरणालय पहुंची बेटी

बोकारो : जरीडीह में भगत बांध के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में मृत बस चालक बसंत सोनी की पुत्री रश्मि सोनी व उसके कॉलेज के सहपाठी बुधवार को शव लेकर समाहरणालय पहुंचे. लगभग 60-70 विद्यार्थी शव लेकर सेक्टर चार थाना से लेकर पोस्टमार्टम कराने निकले थे. लेकिन पोस्टमार्टम हाउस नहीं जाकर सीधे समाहरणालय […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 10, 2018 6:20 AM
बोकारो : जरीडीह में भगत बांध के पास मंगलवार को हुए सड़क हादसे में मृत बस चालक बसंत सोनी की पुत्री रश्मि सोनी व उसके कॉलेज के सहपाठी बुधवार को शव लेकर समाहरणालय पहुंचे. लगभग 60-70 विद्यार्थी शव लेकर सेक्टर चार थाना से लेकर पोस्टमार्टम कराने निकले थे. लेकिन पोस्टमार्टम हाउस नहीं जाकर सीधे समाहरणालय पहुंच गये.
समाहरणालय के पास एंबुलेंस में शव रखा था. शव का पोस्टमार्टम कराने नहीं जा रहे थे. विद्यार्थी डीसी से मिलने की जिद पर लगभग दो घंटे तक समाहरणालय में डटे रहे. मामले की जानकारी मिलने पर चास एसडीओ सतीश चंद्रा व सीओ वंदना सेजवलकर समाहरणालय पहुंचे और विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया. लगभग दो घंटे बाद वह लोग समाहरणालय से गये. रश्मि रामगढ़ इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करती है. घटना की जानकारी मिलने पर उसके सहपाठी बोकारो आये थे.
छावनी में तब्दील हुआ समाहरणालय : समाहरणालय में दर्जनों छात्रों का कड़ा रुख देख कर सिटी थाना, महिला थाना व पीसीआर वैन को बुलाया गया. पूरा समाहरणालय छावनी में तब्दील हो गया. सिटी डीएसपी अजय कुमार, सिटी थाना प्रभारी मदन मोहन प्रसाद सिन्हा आदि भी पहुंचे. समाहरणालय परिसर से निकालने के दौरान पुलिस के साथ विद्यार्थियों की तू-तू मैं-मैं भी हुई. विद्यार्थियों ने पुलिस पर धीमी गति से कार्रवाई करने का आरोप लगाया. रश्मि ने कहा कि सड़क हादसे के घंटों बाद भी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है. थाना में उन लोगों से दुर्व्यवहार हुआ.
मृतक की पत्नी और पुत्री से मिले डीसी : रश्मि ने बताया कि मेरे परिवार में कमाने वाले सिर्फ मेरे पिता ही थे. अब परिवार में मां के अलावा कोई नहीं है. प्रशासन की ओर से मिलने वाले तत्काल मुआवजा भी नहीं मिला है. अस्पताल व थाना का चक्कर लगा रहे हैं. परिवार को सरकारी योजनाओं लाभ मिलना चाहिए. इसी मुद्दे को लेकर उपायुक्त पास गुहार लगाने आयी थी. हमलोग धरना-प्रदर्शन करने नहीं आये हैं. डीसी ने बाद में मृतक की पुत्री व पत्नी से मुलाकात की व सरकारी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया.