जब-जब दिल्ली ने ठुकराया बोकारो ने अपनाया : समरेश

11 बोक 05 – मंच पर आसीन समरेश सिंह व अन्य11 बोक 06 – चुनावी सभा में उमड़ी लोगों की भीड़11 बोक 20 – समर्थकों के मनोरंजन के लिए थी गीत-नृत्य की व्यवस्था- निर्दलीय प्रत्याशी समरेश सिंह की चुनावी सभा में भरी हुंकार – मजदूर मैदान सेक्टर-4 में उमड़ी समर्थकों की भीड़प्रतिनिधि, बोकारोजब-जब दिल्ली ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 11, 2014 7:01 PM

11 बोक 05 – मंच पर आसीन समरेश सिंह व अन्य11 बोक 06 – चुनावी सभा में उमड़ी लोगों की भीड़11 बोक 20 – समर्थकों के मनोरंजन के लिए थी गीत-नृत्य की व्यवस्था- निर्दलीय प्रत्याशी समरेश सिंह की चुनावी सभा में भरी हुंकार – मजदूर मैदान सेक्टर-4 में उमड़ी समर्थकों की भीड़प्रतिनिधि, बोकारोजब-जब दिल्ली ने ठुकराया है, बोकारो ने अपनाया है. अंतिम बार चुनाव लड़ रहा हूं. मुझे सामान्य जीत नहीं, बल्कि दिल्ली की सत्ता को हिलाने वाला लोक समर्थन चाहिए. यह बातें बोकारो विस से निर्दलीय उम्मीदवार समरेश सिंह ने कही. वह गुरुवार को सेक्टर-4 स्थित मजदूर मैदान में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. श्री सिंह ने कहा : सवाल पद का नहीं प्रतिष्ठा का है, जवाब दादा का नहीं जनता का है. श्री सिंह ने अपने अंदाज में कहा : किसी की लहर चलती है, तो कोई सरकार बनाने का दावा करता है. पर बोकारो में दादा के नाम का सिर्फ लहर नहीं बल्कि आंधी बह रही है. विरोधियों में मेरे नाम का इतना डर है कि वह दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री को बुला कर मेरी चर्चा कर रहे हैं. गीत-संगीत भी हुआ : कार्यक्रम स्थल गीत-संगीत से गूंजता रहा. संताली, खोरठा, हिंदी व भोजपुरी गानों से माहौल संगीतमय बना रहा. छऊ, झूमर व कई लोक नृत्य से समर्थकों का मनोरंजन किया गया.