नवमी तिथि होबेक बलि, दशमी ते माछ-भात

बोकारो: नवमी तिथि होबेक बलि, दशमी ते माछ-भात. मतलब रविवार (13 अक्तूबर) नवमी के दिन पाठा की बलि दी जायेगी और सोमवार (14 अक्तूबर) दशमी के दिन मछली-भात बनेगा. बंगाली समाज में नवमी के दिन पाठा बलि और दशमी के दिन मछली-भात खाने की परंपरा है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है. 12 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 7, 2013 12:49 AM

बोकारो: नवमी तिथि होबेक बलि, दशमी ते माछ-भात. मतलब रविवार (13 अक्तूबर) नवमी के दिन पाठा की बलि दी जायेगी और सोमवार (14 अक्तूबर) दशमी के दिन मछली-भात बनेगा. बंगाली समाज में नवमी के दिन पाठा बलि और दशमी के दिन मछली-भात खाने की परंपरा है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती आ रही है. 12 अक्तूबर को शाम 03.48 बजे अष्टमी संधि पूजा होगी. उसी दिन शाम 04.12 बजे बलिदान होगा. वैष्णव धर्म के अनुसार इस दिन ईख, खीरा, भतुआ की बलि दी जायेगी. बंग भारती सेक्टर-3 में वैष्णव धर्म के अनुसार पूजा होती है.