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बच्चों से मजदूरी करा रहा वन विभाग

कसमार : कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत अंतर्गत बनकारी में वन विभाग बच्चाें से मजदूरी करा रहा है. जानकारी के अनुसार कसमार प्रखंड के गर्री, वनकनारी गांव में वन व पर्यावरण विभाग हजारीबाग, सामाजिक वानिकी प्रमंडल पेटरवार प्रक्षेत्र, गर्री वनचास भू-संरक्षण सह वन रोपन किया जा रहा है. यहां बच्चे मजदूरी कर रहे हैं. प्रभात […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 27, 2015 9:17 AM

कसमार : कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत अंतर्गत बनकारी में वन विभाग बच्चाें से मजदूरी करा रहा है. जानकारी के अनुसार कसमार प्रखंड के गर्री, वनकनारी गांव में वन व पर्यावरण विभाग हजारीबाग, सामाजिक वानिकी प्रमंडल पेटरवार प्रक्षेत्र, गर्री वनचास भू-संरक्षण सह वन रोपन किया जा रहा है. यहां बच्चे मजदूरी कर रहे हैं.

यहां का काम वन क्षेत्र के मुंशी सुखदेव मंडल की देख-रेख में हो रहा है. बाल मजदूर सुभाष चन्द्र मुर्मू, लक्ष्मण सिंह, संजय मराण्डी, संतोष हेंब्रम, कुलदीप कुमार सिंह, रामनाथ सिंह की उम्र 15 से 16 वर्ष है. ये जरीडीह प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय चिलगड्डा में पढ़ाई करते थे. बच्चों से मजदूरी कराने का ग्रामीणों ने विरोध भी किया है. इधर बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि अगर बच्चे पढ़ाई करेंगे तो घर का चूल्हा कैसे जलेगा. हमारे घरों की स्थिति काफी दयनीय है. इसके चलते हमारे बच्चे बचपन से ही मजदूरी करने को विवश हैं.

बच्चों से मजदूरी कराने की बात आपसे मालूम हुई. स्थानीय श्रमप्रवर्तन पदाधिकारी से स्थल जाकर इसकी जांच करायी जायेगी. अगर वन विभाग बच्चों से मजदूरी करा रहा है, तो कार्रवाई की जायेगी. अजीत कुमार पन्ना, उपश्रमायुक्त

सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र पेटरवार द्वारा कसमार प्रखंड के गर्री पंचायत के बनकनारी गांव में काम हो रहा है. इसकी मुझे जानकारी है. लेकिन आदिवासी बाल मजदूर से काम लिया जा रहा है, यह पता नहीं है. अगर ऐसी बात है तो इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जायेगी. जगदीश महतो, अध्यक्ष केंद्रीय वन प्रबंधन व संरक्षण समिति

आदिवासी बाल मजदूरों से काम लेने की जानकारी मुझे नहीं है. अगर ऐसी बात है तो वनपाल से जानकारी लेकर काम कर रहे बच्चों को हटाया जायेगा और उन्हें विद्यालय भेजने का प्रयास करेंगे. एके त्रिपाठी, सामाजिक वानिकी प्रमंडल प्रक्षेत्र पेटरवार

हमारे विद्यालय से जातगोड़ी, चिरापाटी के आदिवासी बच्चे विद्यालय में अध्यनरत थे. लेकिन पिछले कई वर्षों से ये बच्चे विद्यालय नहीं आ रहे हैं. इनके अभिभावकों को कई बार अपने बच्चों को विद्यालय भेजने का आग्रह किया गया, लेकिन बच्चों के साथ-साथ अभिभावक भी संजीदा नहीं है. अशोक कुमार प्रजापति, प्रधानाध्यापक उत्क्रमित उच्च विद्यालय चिलगड्डा

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