आयोजन. देश के मानचित्र पर चंदनकियारी के उभरने की उम्मीद जगी

भैरव स्थान का भविष्य उज्ज्वल, विकास का खाका तैयार भैरव स्थान के पर्यटन स्थल के रूप में विकास के लिए स्थानीय विधायक व प्रदेश के मंत्री अमर बाउरी काफी प्रयासरत हैं. उद्घाटन के मौके पर सीएम ने इसकी प्रतिबद्धता जतायी थी. स्थल के विकास के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है. बोकारो […]

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भैरव स्थान का भविष्य उज्ज्वल, विकास का खाका तैयार

भैरव स्थान के पर्यटन स्थल के रूप में विकास के लिए स्थानीय विधायक व प्रदेश के मंत्री अमर बाउरी काफी प्रयासरत हैं. उद्घाटन के मौके पर सीएम ने इसकी प्रतिबद्धता जतायी थी. स्थल के विकास के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है.
बोकारो : चंदनिकयारी प्रखंड से सिर्फ दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित भोजूडीह गांव में भैरव बाबा का एक प्राचीन मंदिर है. इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रह है. आनेवाले दिनों में भैरव स्थान देश के मानचित्र पर आ जायेगा. स्थानीय विधायक सह राज्य के भू-राजस्व, निबंधन, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी इसके लिए अपने से प्रयासरत हैं. स्थल के विकास के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है.
स्थापित प्रतिमाएं 12वीं शताब्दी की : भैरव स्थान में हर दिन काफी संख्या में स्थानीय लोग पूजा करने आते हैं. करीब आठ सौ साल पूर्व निर्मित इस मंदिर की प्रतिमाएं 12वीं शताब्दी की हैं. यहां भैरव बाबा के अलावा मां दुर्गा की भी प्रतिमा स्थापित है. वैसे तो यहां हर दिन पूजा होती है, लेकिन शिवरात्रि और फाल्गुन माह में यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भैरव मंदिर में प्रसाद के रूप में नारियल चढ़ाया जाता है. कहते हैं कि इस मंदिर में जो भी मन्नत मांगी जाती है उसे भैरव बाबा जरूर पूरी करते हैं.
स्नान के बाद दूर हो जाती है बीमारी : भैरव स्थान न सिर्फ अपने प्राचीन मंदिर के कारण प्रसिद्ध है, बल्कि यहां एक चमत्कारी तालाब भी है. बताते हैं कि इसके पानी से स्नान करने पर कई बीमारियां दूर हो जाती हैं. चंदनकियारी के आसपास जहां कहीं भी किसी बच्चे का जन्म होता है, उसे इस तालाब के अमृत जल से नहलाया जाता है. कहते हैं कि ऐसा करने से बच्चे को कोई बीमारी नहीं होती है. तालाब के अंदर स्थित पत्थर के दो चाक के बारे में कहा जाता है कि सदियों पहले यहां रहने वाले लोगों ने इस तालाब के पानी को दामोदर नदी तक पहुंचाने के लिए लगाया था. आज भी ये चाक तालाब में देखे जा सकते हैं.
विकास का खाका तैयार : झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग ने भैरव स्थान को विकसित करने की कई योजनाएं बनायी हैं. राज्य के भू-राजस्व, निबंधन, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी कहते हैं : तीन दिवसीय भैरव महोत्सव का आयोजन इस बार कला संस्कृति विभाग कर रहा है. इस आयोजन से झारखंड के लोगों के साथ ही देश भर के लोग न केवल इस मंदिर की महिमा को जानेंगे.
भैरव स्थान के पर्यटन स्थल के रूप में विकास के लिए स्थानीय विधायक व प्रदेश के मंत्री अमर बाउरी काफी प्रयासरत हैं. उद्घाटन के मौके पर सीएम ने इसकी प्रतिबद्धता जतायी थी. स्थल के विकास के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है.
बोकारो :चंदनिकयारी प्रखंड से सिर्फ दस किलोमीटर की दूरी पर स्थित भोजूडीह गांव में भैरव बाबा का एक प्राचीन मंदिर है. इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रह है. आनेवाले दिनों में भैरव स्थान देश के मानचित्र पर आ जायेगा. स्थानीय विधायक सह राज्य के भू-राजस्व, निबंधन, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी इसके लिए अपने से प्रयासरत हैं. स्थल के विकास के लिए सरकार कई योजनाओं पर काम कर रही है.
स्थापित प्रतिमाएं 12वीं शताब्दी की : भैरव स्थान में हर दिन काफी संख्या में स्थानीय लोग पूजा करने आते हैं. करीब आठ सौ साल पूर्व निर्मित इस मंदिर की प्रतिमाएं 12वीं शताब्दी की हैं. यहां भैरव बाबा के अलावा मां दुर्गा की भी प्रतिमा स्थापित है. वैसे तो यहां हर दिन पूजा होती है, लेकिन शिवरात्रि और फाल्गुन माह में यहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. भैरव मंदिर में प्रसाद के रूप में नारियल चढ़ाया जाता है. कहते हैं कि इस मंदिर में जो भी मन्नत मांगी जाती है उसे भैरव बाबा जरूर पूरी करते हैं.
स्नान के बाद दूर हो जाती है बीमारी : भैरव स्थान न सिर्फ अपने प्राचीन मंदिर के कारण प्रसिद्ध है, बल्कि यहां एक चमत्कारी तालाब भी है. बताते हैं कि इसके पानी से स्नान करने पर कई बीमारियां दूर हो जाती हैं. चंदनकियारी के आसपास जहां कहीं भी किसी बच्चे का जन्म होता है, उसे इस तालाब के अमृत जल से नहलाया जाता है. कहते हैं कि ऐसा करने से बच्चे को कोई बीमारी नहीं होती है. तालाब के अंदर स्थित पत्थर के दो चाक के बारे में कहा जाता है कि सदियों पहले यहां रहने वाले लोगों ने इस तालाब के पानी को दामोदर नदी तक पहुंचाने के लिए लगाया था. आज भी ये चाक तालाब में देखे जा सकते हैं.
विकास का खाका तैयार : झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग ने भैरव स्थान को विकसित करने की कई योजनाएं बनायी हैं. राज्य के भू-राजस्व, निबंधन, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री अमर बाउरी कहते हैं : तीन दिवसीय भैरव महोत्सव का आयोजन इस बार कला संस्कृति विभाग कर रहा है. इस आयोजन से झारखंड के लोगों के साथ ही देश भर के लोग न केवल इस मंदिर की महिमा को जानेंगे.
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