सरकार की जनविरोधी नीतियों के विरोध में बैंकिंग क्षेत्र उठ खड़े हुए हैं. इस आलोक में 26 जुलाई को आहूत हड़ताल को ले ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने शनिवार को सेक्टर -05 की बैठक में अपना इरादा साफ करते हुए कहा : कि पिछले दरवाजे से बैंकों के निजीकरण का सरकार का मंसूबा पूरा नहीं होने दिया जायेगा.
बोकारो : देश में विश्व व्यापी आर्थिक मंदी का असर सरकारी बैंक के कारण ही नहीं हुआ था. साथ ही सरकार की तमाम महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकारी बैंक ही आगे आते हैं. इसके बाद भी सरकार पिछले दरवाजे से बैंक को निजी हाथों में देने की योजना बना रही है. सरकार के इस कदम से देश को आर्थिक नुकसान होगा. सरकार के मंसूबे को पूरा नहीं होने दिया जायेगा. यह बात ऑल इंडिया पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव दिलीप साहा ने कही. वह शनिवार को सेक्टर -05 स्थित बोकारो क्लब में एसोसिएशन की पहली आम सभा को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे.
26 जुलाई की हड़ताल देश को देगी दिशा : श्री साहा ने कहा : सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आहूत 26 जुलाई की हड़ताल को एसोसिएशन पूरा समर्थन देगा. हड़ताल देश को दिशा देगी. कहा : पीएनबी देश की सबसे बड़ी बैंक है. इसका क्रियाकलाप भी सर्वश्रेष्ठ है. एनपीए की दिशा में बैंक बेहतर कर रही है. बैंक अपने काम के हिसाब से फायदा में जायेगी.
बेसिक बैंकिंग पर ध्यान देने की जरूरत : पीएनबी बिहार/झारखंड के जोनल मैनेजर संजीव शरण ने कहा : अधिकारी को बेसिक बैंकिंग पर ध्यान देने की जरूरत है. बीमा व अन्य थर्ड पार्टी की स्कीम पर ज्यादा ध्यान नहीं देकर ग्राहकों के बेसिक काम का निपटारा होना चाहिए.
इससे ग्राहकों को बेहतर सुविधा मिलेगी. कहा : बैंक की पहचान ग्राहकों के काम के रूप में होना चाहिए, न कि बिजनेस पॉलिसी के लिए. बैंक मार्च 2016 में लगभग 10 लाख करोड़ का व्यवसाय किया है. बैंक की जमा राशि पांच लाख करोड़ व ऋण 93 हजार करोड़ से अधिक है. करेंट व सेविंग का स्टेटस दो लाख करोड़ से ज्यादा है. यही आंकड़ा बैंक को नंबर एक राष्ट्रीयकृत बैंक बनाता है. इस स्थिति को कायम रखने की जरूरत है. हर अधिकारी व कर्मी के सहयोग से ही यह संभव है.