लवली हत्याकांड : रांची व हजारीबाग जेल से जुड़ा है तार

पुलिस तलाश रही है लोकल लिंक अमरेंद्र तिवारी के इशारे पर हुई लवली की हत्या बोकारो : पुलिस रेलवे ठेकेदार चंद्रशेखर तिवारी एर्फ लवली तिवारी हत्याकांड का जल्द ही खुलासा कर सकती है. पुलिस शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. अबतक के अनुसंधान में पुलिस के समक्ष ठेकेदार हत्याकांड का तार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

पुलिस तलाश रही है लोकल लिंक

अमरेंद्र तिवारी के इशारे पर हुई लवली की हत्या
बोकारो : पुलिस रेलवे ठेकेदार चंद्रशेखर तिवारी एर्फ लवली तिवारी हत्याकांड का जल्द ही खुलासा कर सकती है. पुलिस शूटरों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है. अबतक के अनुसंधान में पुलिस के समक्ष ठेकेदार हत्याकांड का तार रांची व हजारीबाग जेल से जुड़े होने की बात उभर कर आ रही है. सूत्रों के मुताबिक पुलिस को ठेकेदार हत्याकांड में शूटरों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है. बोकारो पुलिस मोकामा निवासी फतिंगा उर्फ रोशन व बंटी की तलाश में है. बताया जाता है कि ठेकेदार शूटआउट में दोनों ही शामिल थे. घटना में एक स्थानीय अपराधी भी शामिल था,
जो बाइक चला रहा था.
अमरेंद्र तिवारी का नाम आया है सामने : पुलिस को ठेकेदार हत्याकांड में अनुसंधान के क्रम में हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद अमरेंद्र तिवारी का नाम सामने आया है. पुलिस की मानें तो बीरेंद्र सिंह की हरला थाना क्षेत्र में हत्या होने के बाद अमरेंद्र तिवारी बोकारो के अपने वर्चस्व को समाप्त नहीं होने देना चाहता था. इसी बीच उसने रांची में सक्रिय रहे राजेश सिंह से बोकारो में ठेका मैनेज करने का काम दिया. राजेश सिंह पिछले कुछ माह से बोकारो में सक्रिय हो गया था.
पुलिस को शूटरों के बारे में हासिल हुई खास जानकारी
संदीप थापा के लिए राजेश कर चुका है काम
राजेश सिंह मोकामा थाना के पास का निवासी है. रांची के संदीप थापा के कहने पर राजेश ने वर्ष 2013 में बिट्टू मिश्रा गिरोह के दो सदस्यों की रातू रोड में हत्या कर दी थी. उसके बाद वह रांची जेल में रहा. जेल से निकलने पर मोकामा जाकर अपने गिरोह को संगठित किया. बताया जाता है कि इसी दौरान उसने एफसीआइ के ठेकेदार राजकुमार सिंह पर हमला कराया. उक्त हमले में राजकुमार सिंह जख्मी होकर बच गया. उसके बाद राजकुमार सिंह के समर्थक राजेश की खोजबीन करने लगे. राजेश इसी के बाद रांची आ गया था.
दो माह पूर्व बनी थी योजना
रेलवे ठेकेदार लवली तिवारी की हत्या की योजना दो माह पूर्व ही बना ली गयी थी. इसका खुलासा रांची के सुखदेव नगर थाना में गुप्त सूचना के आधार पर मई माह के पहले सप्ताह में गिरफ्तार दो युवकों ने किया था. बोकारो पुलिस को रेलवे कॉलोनी में ठेकेदार की हत्या की जानकारी भी हो गयी थी, लेकिन दोनों युवकों की गिरफ्तारी के कारण पुलिस ने समझा कि मामला टल गया है. गिरफ्तार युवकों में बालीडीह का शुभम भी शामिल है, लेकिन रांची पुलिस को उसने अपना नाम गलत बता दिया. रांची पुलिस ने उसे बताये गये नाम से ही जेल भेज दिया है.
अब तक के अनुसंधान में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. इनके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है. मामला लगभग स्पष्ट हो गया है. जल्द ही मामले का उद्भेदन हो जायेगा.
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