प्रशासन: जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक, डीसी ने कहा ऋण-जमा का अनुपात बढ़ायें बैंक

बोकारो : डीसी ने ऋण-जमा अनुपात व सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न ऋण योजनाओं की वर्तमान वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की. उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने व कृषि व एमएसएमइ ऋण योजनाओं का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल करने का निर्देश दिया. बैंकों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं में काफी कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त की. डीसी ने […]

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बोकारो : डीसी ने ऋण-जमा अनुपात व सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न ऋण योजनाओं की वर्तमान वित्तीय वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा की. उन्होंने ऋण-जमा अनुपात बढ़ाने व कृषि व एमएसएमइ ऋण योजनाओं का लक्ष्य शत-प्रतिशत हासिल करने का निर्देश दिया. बैंकों द्वारा विभिन्न सरकारी योजनाओं में काफी कम उपलब्धि पर नाराजगी व्यक्त की. डीसी ने लंबित मामले के तुरंत निबटाने का निर्देश दिया. कहा : लक्ष्यों को जल्द से जल्द प्राप्त करना सुनिश्चित करें.

डीसी ने सभी बैंको के प्रतिनिधियों से कहा : सभी बैंक होर्डिंग व फ्लैक्स के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख कर जन-जन तक जानकारी देंगे. उन्होंने स्वयं सहायता समूह के खातों को बैंक प्राथमिकता के आधार पर खोलने का निर्देश दिया.

डीसी कहा : इससे सीधा लाभ स्वयं सहायता समूह को मिलेगा. बताते चलें कि बैठक में आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय महिला बैंक, एचडीएफसी बैंक, इंडसइंड बैंक, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, विजया बैंक व यस बैंक के प्रतिनिधि अनुपस्थित थे. डीसी ने अगली बैठक में पूर्ण प्रतिवेदन के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया. डीसी ने बैंकों को 31 जनवरी तक सभी रुपे कार्ड वितरित कर देने का निर्देश दिया. बैठक में बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक प्रबंधक अजय कुमार साहू, अग्रणी जिला प्रबंधक संजय कुमार सिन्हा, गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि अवधेश कुमार दुबे, धनबाद सांसद प्रतिनिधि राजीव कंठ, बोकारो विधायक प्रतिनिधि संजय तियागी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक संजय कुमार सिन्हा, जिला उद्योग प्रबंधक राजेश्वर सिंह सहित सभी बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
विशेष फसल के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश
मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने गुरुवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कृषि विभाग की समीक्षा की. मुख्य सचिव ने जिला कृषि पदाधिकारियों को डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान करने, विशेष फसल के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया. कहा : विशेष फसल योजना को सफल बनाने के लिये राज्य के विभिन्न जिलों में अलग-अलग फसलों की खेती के लिए वातावरण के अनुकूल योजना तैयार की जाये. उन्होंने कहा : मुंगफली, राजमा, तिल आदि की खेती के लिए कलस्टरवार योजना बनायें. यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रखंडों में 50-50 हेक्टेयर के कलस्टर की कार्ययोजना बनें. ताकि अगले वित्तीय वर्ष में खेती का कार्य समय पर शुरू किया जा सके. सीएस ने कहा : राज्य भर में 5000 बागवान मित्र का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाये. इससे झारखंड के युवाओं का कौशल विकास तो होगा, 500 नये बीज ग्राम बनाने का लक्ष्य सभी जिला कृषि पदाधिकारियों को दिया गया. ताकि 5000 क्विंटल तक फाउंडेशन सीड का उत्पादन किया जा सके. बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए बंजर भूमि की ग्रामवार प्रोफाइलिंग करने व उसमें जुताई का काम शुरू करने का निर्देश दिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उनके साथ सचिव कृषि विभाग नितिन मदन कुलकर्णी, विशेष सचिव पूजा सिंघल, निदेशक राष्ट्रीय बागवानी मिशन राजीव कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे.
सर्वे कराकर सभी किसानों का फसल बीमा कराने का निर्देश
डीसी ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में फसल बीमा की समीक्षा बैठक की. इसमें जिला सहकारिता पदाधिकारी मंजु विभावरी ने बताया : अब तक 2100 किसानों का फसल बीमा किया जा चुका है. डीसी ने एलडीएम संजय कुमार सिंहा को केसीसी का डाटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. डीसी ने कहा : एकबार पुन: सर्वे करा लिया जाये. उन्होंने कहा : रबी के फसल बीमा के लिए 25 जनवरी तक समय है. इससे पूर्व सर्वे आदि का कार्य पूर्ण कर बीमा करने की कार्रवाई की जाये. बैठक में अपर समाहर्त्ता जुगनु मिंज, जिला कृषि पदाधिकारी आदि मौजूद थे.
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